Navratri 2020: कौन से हैं मां के नौ प्रिय रंग, जिनसे होती हैं माता प्रसन्न
नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री का पूजन किया जाता है। पर्वत राज हिमालय की पुत्री होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। इनको लाल रंग प्रिय है, लाल रंग को शक्ति और उल्लास का रंग माना जाता है। इसलिए इस दिन लाल रंग का प्रयोग करने से मां प्रसन्न होती हैं और मनवांछित फल प्रदान करती है।
नवरात्रि के द्वीतीय दिन मां ब्रह्मचारिणी का पूजा का प्रावधान है। इनके नाम का अर्थ है ब्रह्म+चारिणी अर्थात तप का आचरण करने वाली। इनको पीला रंग प्रिय है। इनकी पूजा करते समय पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। मां ब्रह्मचारिणी के पूजन से मन में स्थिरता आती है।
नवरात्रि के तृतीय दिन मां चंद्रघंटा की पूजा आराधना द्रकी जाती है। मां अपने मस्तक पर अर्द्ध चंद्र धारण करती हैं। इसलिए इन्हें चंघंटा कहा जाता है। इस दिन हरे रंग का प्रयोग करके आप मां को प्रसन्न कर सकते हैं। मां चंद्रघंटा के घंटे की ध्वनि से ही सारी बुरी शक्तियां दूर हो जाती हैं।
मां कूष्मांडा का पूजन नवरात्रि के चतुर्थ दिन किया जाता है। इन्होंने ही अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की निर्माण किया था। इसी कारण इन्हें कूष्मांडा कहा जाता है। इनको आप स्लेटी रंग के प्रयोग से प्रसन्न कर सकते हैं। मां कूष्मांडा की कृपा से साधक को धन और यश की प्राप्ति होती है।