महाशिवरात्रि का पर्व 21 फरवरी को है। यह त्योहार शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। महाशिवरात्रि के पर्व को बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं। ऐसी मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का माता पार्वती से विवाह हुआ था। इस महाशिवरात्रि से पहले हम आपको शिव के 12 धाम की जानकारी देने जा रहें हैं......
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mahashivratri 2020: शिव के पावन 12 धाम, जहां दर्शन मात्र से कट जाते हैं सारे कष्ट और संकट
Thu, 06 Feb 2020 04:47 PM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Thu, 06 Feb 2020 04:47 PM IST
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केदारनाथ
- यह ज्योतिर्लिंग उत्तराखंड में स्थित है। जिस तरह कैलाश भगवान शिव को बहुत पसंद है उसी तरह से केदारनाथ का भी बहुत महत्व है।
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काशी विश्वनाथ
- यह ज्योतिर्लिंग बनारस में स्थापित है। सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्याधिक महत्व है। ऐसी मान्यता है कि प्रलय आने पर भगवान शिव काशी को अपने त्रिशूल पर धारण कर लेंगे।
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सोमनाथ
- सोमनाथ को भारत में स्थित सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे पुराना और पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में है। शिवपुराण के अनुसार इसी जगह पर चंद्रमा को श्राप से मुक्ति मिली थी।
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मल्लिकार्जुन
- यह ज्योतिर्लिंग आन्ध्र प्रदेश के कृष्ण नदी के समीप श्रीलैश पर्वत पर स्थित है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।