ज्यादातर लोग अपने घरों में लड्डू गोपाल की स्थापना करते हैं। लड्डू गोपाल घर में लाने से आपके परिवार खुशहाली और सुख समृद्धि बनी रहती है। निसंतान दंपति के लिए लड्डू गोपाल की सेवा बहुत लाभदायक रहती है। वैसे तो आप अपने घर में कभी भी लड्डू गोपाल को ला सकते हैं परंतु जन्माष्टमी का दिन इनके प्रवेश के लिए बहुत शुभ रहता है। यदि आप अपने घर में लड्डू गोपाल रखतें हैं तो कुछ बातों का ध्यान विशेष रूप से रखना चाहिए। उनकी सेवा नियम पूर्वक करनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं लड्डू गोपाल की सेवा के नियम...
अगर घर में हैं लड्डू गोपाल तो, तो जान लें उनकी सेवा के नियम
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यदि आप अपने घर में लड्डू गोपाल को लेकर आते हैं तो उस दिन से वह घर उनका हो जाता है। इसलिए अपने मन से मैं यानि मेरे घर का भाव समाप्त कर देना चाहिए। उनस हमेशा परिवार के सदस्यों की तरह व्यवहार रखें।
जब लड्डू गोपाल जी आपके घर आ जाते हैं, तब से वे भी आपको परिवार के सदस्य होते हैं। अब से आपका परिवार लड्डू गोपाल जी का परिवार हो जाता है। अतः लड्डू गोपाल को भी परिवार के एक सम्मानित सदस्य का स्थान प्रदान करना चाहिए।
जिस तरह से आप अपने परिवार के सदस्य की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हैं, उसी तरह से लड्डू गोपाल जी की हर एक आवश्यकता का ध्यान रखना चाहिए। उन्हें सही समय पर नाश्ता भोजन आदि करवाना चाहिए। प्रतिदिन उन्हें भोग लगाएं। माखन मिश्री उनको प्रिय है। यदि आप घर में कोई भी खाने की वस्तु लाते हैं तो सबसे पहले एक हिस्सा लड्डू गोपाल जी के लिए अवश्य रखें।
प्रातः स्वयं स्नान करने के बाद लड्डू गोपाल जी को भी स्नान अवश्य करवाएं, लेकिन ध्यान रखें कि जिस तरह से आप स्नान करने के लिए सर्दी में गर्म पानी व गर्मी में ठन्डे पानी का प्रयोग करते हैं। उसी प्रकार से लड्डू गोपाल जी के स्नान के लिए मौसम के अनुसार पानी का उपयोग करें। और मौसम के अनुसार ही ऊनी या सूती स्वस्छ वस्त्र पहनाएं।
लड्डू गोपाल जी के साथ बांसुरी अवश्य रखें। उनके माथे पर मोरपंख लगाएं। और उनके लिए खिलौने अवश्य लेकर आएं।
रात के समय उन्हें एक बालक की तरह प्रेम पूर्वक शयन करवाएं। हो सके तो प्यार से थपकियां देते हुए लोरी गाकर सुलाएं। इसी तरह से सुबह को भी उन्हें प्रेम से पुकार कर जगाएं। थोड़े-थोड़े समय पर लड्डू गोपाल जी को बाहर घुमाने भी लेकर जाएं।