2013 में केदारनाथ घाटी में मंदाकिनी नदी ने ऐसा विकराल रूप धारण किया था कि देखते ही देखते जल प्रलय का मंजर लोगों के सामने था। ऐसा लग रहा था कि क्रोध से उफान मारती मंदाकिनी सब कुछ अपने साथ बहाकर ले जाएगी। लेकिन कहते हैं कि ब्रह्माण्ड में शिव से बड़ा कोई और नहीं है और यह बात प्रलय की घड़ी में शिव ने सच कर दिखाई। भगवान शिव ने किया कुछ ऐसा चमत्कार जिसे देखकर पूरी दुनिया रह गयी हैरान।
केदारनाथ आपदा के समय हुई थी यह 5 चमत्कारी घटनाएं, आज भी देखने वाले रह जाते हैं हैरान
मंदाकिनी अपनी लहरों से केदारनाथ के आस-पास के मंदिरों को बहाए लिए जा रही थी। मंदाकिनी का साहस बढ़ता जा रहा था और वह केदारनाथ के मंदिर को भी अपनी लहरों में समेट लेना चाहती थी और बार-बार मंदिर पर चोट कर रही थी। ऐसा लग रहा था कि लहरों की चोट का सामना मंदिर नहीं कर पाएगा लेकिन तभी शिव जी कर दिखाया अपना पहला चमत्कार।
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लहरों के बीच अचानक एक बड़ी सी शिला प्रगट हो गयी। जिसने मंदिर की दीवारों पर चोट करने वाली मंदाकिनी की लहरों का रास्ता रोक लिया। भक्तों की ऐसी धारणा है कि प्रलय की घड़ी में स्वयं भगवान शिव शिला के रूप में प्रकट हुए और उन्होंने मंदाकिनी के अहंकार का अंत किया। केदारनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु इस भीम शिला की भी पूजा करते हैं।
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भगवान शिव का वाहन नंदी है जिसे शिव का अंश भी कहा जाता है। केदारनाथ मंदिर के द्वार पर नंदी महाराज विराजमान हैं। जल प्रलय की स्थिति में जब सब कुछ तबाह हो रहा था उस समय शिव जी ने अपने वाहन की रक्षा की जिससे आज भी नंदी महाराज के दर्शन शिव भक्तों को प्राप्त होते हैं।
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केदारनाथ धाम के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ था कि मंदिर का पट खुलने के बाद कई दिनों तक यहां पूजा-पाठ नहीं हो पाया। लेकिन शिव जी का चमत्कार यहां भी दिखा। यहां पूजा नहीं होने के बावजूद भी शिवलिंग पर बेलपत्र मौजूद था और ऐसा लग रहा था मानो ताजा बेलपत्र शिव जी के ऊपर किसी ने चढ़ाया हो।