सनातन धर्म के अनुसार कालाष्टमी का व्रत घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए रखा जाता है। कालाष्टमी व्रत रखने से जीवन में अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। कालाष्टमी व्रत के दिन कालभैरव की पूजा की जाती है। कालभैरव भगवान शंकर का रौद्र रूप है। कालाष्टमी के दिन उचित पूजा करने से आपको जीवन में आने वाली सभी परेशानियों से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी। कालाष्टमी व्रत रखने से न केवल आपके भविष्य की समस्याएं दूर होंगी बल्कि आपकी सभी मनोकामनाएं भी पूरी होंगी। आइए जानें कालाष्टमी के दिन कैसे करें कालभैरव की पूजा?
कालाष्टमी तिथि
माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आरम्भ: 21 जनवरी, दोपहर 12: 39 मिनट से
माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि समाप्त: 22 जनवरी ,दोपहर में 03:18 मिनट पर
ऐसे में माघ माह की कालाष्टमी 21 जनवरी को मनाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 20 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 19 मिनट से 03 बजकर 01 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 49 मिनट से 06 बजकर 16 मिनट तक
सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 14 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 51 मिनट पर
चंद्रोदय- रात 12 बजकर 41 मिनट पर
चंद्रास्त- सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर
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पूजा विधि
कालाष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करें। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें। अब भगवान काल भैरव की पूजा-अर्चना करें। दीपक जलाकर आरती करें। मंत्रों का जप करें। अब उनकी प्रिय चीज़ों का भोग लगाएं। अन्न और धन का दान करें। जीवन में सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
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कालाष्टमी पर करें ये उपाय
- कालाष्टमी के दिन कालभैरव को सरसों का तेल अर्पित करना लाभकारी होता है। मान्यता के अनुसार कालभैरव को सरसों का तेल चढ़ाने से आपकी कुंडली में ग्रह दोष दूर होते हैं और मेहनत का फल मिलता है।
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- काले तिल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करते हैं। काले तिल सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में मदद करते हैं। मान्यता के अनुसार कालभैरव को काले तिल अर्पित करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। कालभैरव को काले तिल अर्पित करने से आपके ऊपर से काल सर्प दोष दूर होता है।
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यदि आपके घर के सदस्यों के बीच बहुत मतभेद रहते हैं तो कालाष्टमी के दिन कालभैरव को काली उड़द की दाल अर्पित करें। इससे आपका भाग्य चमकेगा और आपको अपने करियर में सफलता प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही कालभैरव को काली उड़द की दाल का भोग लगाने से आपके घर में सुख-शांति आती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।