फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Anant Chaturdashi 2026 Date katha Chant Mantra during Tying Anant Sutra Ganesh Visarjan Significance

अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठ वाले अनंत सूत्र का क्या है महत्व? जानिए अनंत से लेकर गोविंद तक भगवान विष्णु के 14 नाम

Wed, 23 Sep 2026 07:17 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 23 Sep 2026 07:17 PM IST
सार

अनंत चतुर्दशी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इसे अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

विज्ञापन
Anant Chaturdashi 2026 Date katha Chant Mantra during Tying Anant Sutra Ganesh Visarjan Significance
Anant Chaturdashi - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पंचांग के मुताबिक भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11 बजकर 18 मिनट से आरंभ होगी और 25 सितंबर की रात 11 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। सनातन धर्म में अनंत चतुर्दशी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इसे अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की विधि-विधान से पूजा की जाती है और पूजा के बाद हाथ में अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है।
विज्ञापन


अनंत सूत्र सामान्यतः कपास या रेशम के धागे से बनाया जाता है। इसमें 14 गांठें लगाई जाती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार ये गांठें भगवान विष्णु के विभिन्न नामों और स्वरूपों से जुड़ी मानी जाती हैं। इसी दिन गणेश विसर्जन भी किया जाता है, इसलिए यह पर्व धार्मिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
विज्ञापन


14 गांठ वाले अनंत सूत्र का क्या है महत्व?
अनंत चतुर्दशी की पूजा में अनंत सूत्र का विशेष महत्व बताया गया है। इसे शुद्ध रेशम या कपास के सूत को हल्दी में रंगकर तैयार किया जाता है और इसमें 14 गांठें लगाई जाती हैं। पूजा के दौरान भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए इसे हाथ या गले में धारण किया जाता है। मान्यता है कि अनंत सूत्र की प्रत्येक गांठ भगवान श्रीहरि के एक विशेष नाम का प्रतीक होती है। इन 14 नामों का स्मरण करते हुए सूत्र की पूजा की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


14 गांठों में पूजे जाने वाले भगवान विष्णु के नाम
  • पहली गांठ-अनंत: पहली गांठ भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप को समर्पित मानी जाती है।
  • दूसरी गांठ-ऋषिकेश: दूसरी गांठ भगवान के ऋषिकेश स्वरूप का स्मरण कर पूजी जाती है।
  • तीसरी गांठ-पद्मनाभ: तीसरी गांठ भगवान पद्मनाभ को समर्पित मानी जाती है।
  • चौथी गांठ-माधव: चौथी गांठ में भगवान माधव का ध्यान किया जाता है।
  • पांचवीं गांठ-वैकुण्ठ: पांचवीं गांठ भगवान वैकुण्ठ स्वरूप के नाम से पूजी जाती है।
  • छठी गांठ-श्रीधर: छठी गांठ भगवान श्रीधर को समर्पित मानी जाती है।
  • सातवीं गांठ-त्रिविक्रम: सातवीं गांठ में भगवान त्रिविक्रम का स्मरण किया जाता है।
  • आठवीं गांठ-मधुसूदन: आठवीं गांठ भगवान मधुसूदन के नाम से पूजी जाती है।
  • नौवीं गांठ-वामन: नौवीं गांठ भगवान वामन स्वरूप को समर्पित मानी जाती है।
  • दसवीं गांठ-केशव: दसवीं गांठ में भगवान केशव का ध्यान किया जाता है।
  • ग्यारहवीं गांठ-नारायण: ग्यारहवीं गांठ भगवान नारायण को समर्पित मानी जाती है।
  • बारहवीं गांठ-दामोदर: बारहवीं गांठ भगवान दामोदर के नाम से पूजी जाती है।
  • तेरहवीं गांठ-गोविन्द: तेरहवीं गांठ में भगवान गोविन्द का स्मरण किया जाता है।
  • चौदहवीं गांठ-श्रीहरि का स्मरण: चौदहवीं गांठ के साथ भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप का ध्यान किया जाता है और उनसे सुख-समृद्धि तथा कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है।

धार्मिक मान्यता है कि विधिपूर्वक अनंत भगवान की पूजा कर अनंत सूत्र धारण करने से व्यक्ति को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्टों से रक्षा होती है। इस दिन श्रद्धापूर्वक श्रीहरि का पूजन करने से पापों से मुक्ति मिलने की भी मान्यता है।


शारदीय नवरात्रि 2026: 10 या 11 अक्तूबर कब होगी कलश स्थापना? जानें मां दुर्गा का वाहन और शुभ मुहूर्त

पितृपक्ष 2026: क्यों जरूरी है पितरों का श्राद्ध? जानें पितृ दोष के संकेत, महत्व और श्राद्ध की सभी तिथियां

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed