{"_id":"67876563e999c3404308b3be","slug":"magh-month-2025-vrat-tyohar-list-do-these-things-in-the-month-of-magh-2025-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Magh Month 2025: माघ माह में जरूर करें ये कार्य, पूरी होंगी सभी मनोकामना","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Magh Month 2025: माघ माह में जरूर करें ये कार्य, पूरी होंगी सभी मनोकामना
Wed, 15 Jan 2025 01:16 PM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Wed, 15 Jan 2025 01:16 PM IST
सार
माघ का महीना शुरू हो चुका है,और भारतीय परंपराओं में इसे विशेष महत्व दिया गया है। इस पवित्र महीने में स्नान, दान, और पूजा-पाठ को अत्यधिक शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास में भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत लाभकारी होता है।
विज्ञापन
माघ माह 2025
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
Magh Month 2025 Date: माघ का महीना शुरू हो चुका है, और भारतीय परंपराओं में इसे विशेष महत्व दिया गया है। इस पवित्र महीने में स्नान, दान, और पूजा-पाठ को अत्यधिक शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास में भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत लाभकारी होता है। साथ ही, इस महीने में किए गए कुछ विशेष कार्यों से व्यक्ति को पुण्य लाभ प्राप्त होता है। आइए जानें, पंडित रमाकांत मिश्रा के अनुसार, माघ मास में कौन-कौन से कार्य शुभ माने गए हैं और उनका क्या महत्व है।
माघ मास की अवधि
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास हिंदू वर्ष का ग्यारहवां महीना है। यह महीना तब शुरू होता है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। इस वर्ष सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं, और माघ मास 12 फरवरी तक रहेगा।
माघ मास में किए जाने वाले शुभ कार्य
भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा
माघ महीने में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की उपासना करना शुभ माना जाता है। इससे मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।
भोजन और दान का महत्व
इस माह में घर आए किसी भी व्यक्ति को भूखा न जाने दें। जरूरतमंदों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करना पुण्यकारी माना गया है।
सात्त्विक जीवनशैली अपनाना
माघ मास में तामसिक भोजन से परहेज करें और पवित्र नदियों में स्नान करें। इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
मन की शुद्धता और साधना
इस महीने में मन को शांत और स्वच्छ रखना चाहिए। किसी को कठोर शब्द कहने से बचें और साधना में मन लगाएं।
तिल और गुड़ का सेवन
माघ मास में तिल और गुड़ का सेवन स्वास्थ्य और धार्मिक दृष्टि से लाभकारी माना गया है। इससे सूर्य और शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।
पद्म पुराण में माघ मास का महत्व
पद्म पुराण में माघ मास का महत्व इस प्रकार बताया गया है:
"प्रीतये वासुदेवस्य सर्वपापनुत्तये।
माघ स्नानं प्रकुर्वीत स्वर्गलाभाय मानवः।।"
इसका अर्थ है कि भगवान वासुदेव को प्रसन्न करने और पापों से मुक्ति पाने के लिए माघ मास में पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से स्वर्ग की प्राप्ति संभव होती है। माघ मास का यह पवित्र समय आत्मिक और सामाजिक कल्याण के लिए उपयुक्त है। इसे धर्म, पुण्य, और साधना का मास माना गया है।
विज्ञापन
माघ माह 2025 व्रत-त्योहार
14 जनवरी 2025 – मकर संक्रांति, पोंगल, उत्तरायण
17 जनवरी 2025 – सकट चौथ
25 जनवरी 2025 – षटतिला एकादशी
27 जनवरी 2025 – मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत
29 जनवरी 2025 – माघी अमावस्या, मौनी अमावस्या
1 फरवरी 2025 – विनायक चतुर्थी
2 फरवरी 2025 – बसंत पंचमी
4 फरवरी 2025 – नर्मदा जयंती
8 फरवरी 2025 – जया एकादशी
9 फरवरी 2025 – प्रदोष व्रत
12 फरवरी 2025 – माघ पूर्णिमा व्रत, कुंभ संक्रांति, गुरु रविदास जयंती
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
माघ मास की अवधि
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास हिंदू वर्ष का ग्यारहवां महीना है। यह महीना तब शुरू होता है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। इस वर्ष सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं, और माघ मास 12 फरवरी तक रहेगा।
विज्ञापन
माघ मास में किए जाने वाले शुभ कार्य
भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा
माघ महीने में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की उपासना करना शुभ माना जाता है। इससे मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।
भोजन और दान का महत्व
इस माह में घर आए किसी भी व्यक्ति को भूखा न जाने दें। जरूरतमंदों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करना पुण्यकारी माना गया है।
सात्त्विक जीवनशैली अपनाना
माघ मास में तामसिक भोजन से परहेज करें और पवित्र नदियों में स्नान करें। इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
मन की शुद्धता और साधना
इस महीने में मन को शांत और स्वच्छ रखना चाहिए। किसी को कठोर शब्द कहने से बचें और साधना में मन लगाएं।
तिल और गुड़ का सेवन
माघ मास में तिल और गुड़ का सेवन स्वास्थ्य और धार्मिक दृष्टि से लाभकारी माना गया है। इससे सूर्य और शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।
पद्म पुराण में माघ मास का महत्व
पद्म पुराण में माघ मास का महत्व इस प्रकार बताया गया है:
"प्रीतये वासुदेवस्य सर्वपापनुत्तये।
माघ स्नानं प्रकुर्वीत स्वर्गलाभाय मानवः।।"
इसका अर्थ है कि भगवान वासुदेव को प्रसन्न करने और पापों से मुक्ति पाने के लिए माघ मास में पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से स्वर्ग की प्राप्ति संभव होती है। माघ मास का यह पवित्र समय आत्मिक और सामाजिक कल्याण के लिए उपयुक्त है। इसे धर्म, पुण्य, और साधना का मास माना गया है।
विज्ञापन
Sakat Chauth 2025: सकट व्रत की पूजा में शामिल करें ये पांच फूल, संतान सुख का मिलेगा आशीर्वाद
Sakat Chauth 2025 Niyam: सकट चौथ पर क्या नहीं करना चाहिए, जानें पूजा के नियम
Sakat Chauth Vrat Aarti: "ओम जय श्री चौथ मैया", सकट चौथ पर करें माता की आरती
माघ माह 2025 व्रत-त्योहार
14 जनवरी 2025 – मकर संक्रांति, पोंगल, उत्तरायण
17 जनवरी 2025 – सकट चौथ
25 जनवरी 2025 – षटतिला एकादशी
27 जनवरी 2025 – मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत
29 जनवरी 2025 – माघी अमावस्या, मौनी अमावस्या
1 फरवरी 2025 – विनायक चतुर्थी
2 फरवरी 2025 – बसंत पंचमी
4 फरवरी 2025 – नर्मदा जयंती
8 फरवरी 2025 – जया एकादशी
9 फरवरी 2025 – प्रदोष व्रत
12 फरवरी 2025 – माघ पूर्णिमा व्रत, कुंभ संक्रांति, गुरु रविदास जयंती
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।