Anant Chaturdashi 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व मनाया जाता है। यह दिन दो बड़ी परंपराओं के लिए खास माना जाता है - एक तरफ भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा कर कलाई पर अनंत सूत्र (रक्षा सूत्र) बांधा जाता है, तो दूसरी तरफ इसी दिन दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन गणपति बप्पा के विसर्जन के साथ होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर इन दोनों परंपराओं की शुरुआत कैसे हुई और इनका आपस में क्या नाता है।
Anant Chaturdashi:अनंत चतुर्दशी पर अनंत सूत्र बांधने की परंपरा क्यों? जानें गणेश विसर्जन से संबंध क्या है
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:54 PM IST
सार
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली अनंत चतुर्दशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन जहां भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा कर कलाई पर 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधा जाता है, वहीं इसी दिन दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन गणपति बप्पा के विसर्जन के साथ होता है।
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