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Jagannath Rath yatra 2021: क्यों होता है इस रथयात्रा का आयोजन, जानिए इससे जुड़ी खास बातें और महत्व

Mon, 12 Jul 2021 01:54 PM IST
संकल्प सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संकल्प सिंह Updated Mon, 12 Jul 2021 01:54 PM IST
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Jagannath Rath Yatra 2021 Know Importance and significance of this Rath Yatra
जगन्नाथ रथ यात्रा - फोटो : पीटीआई

हिंदू धर्म में चार धामों का विशेष महत्व है। इन्हीं चार धामों में से एक धाम है जगन्नाथ पुरी, जो कि उड़ीसा के पुरी क्षेत्र में स्थित है। इस क्षेत्र को श्रीक्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है। भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण का ही एक रूप है जगन्नाथ। जगन्नाथ का अर्थ होता है जगत का स्वामी। हिंदू धर्म में हर साल होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा को काफी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। आषाढ़ मास की द्वितीय तिथि को ये रथ यात्रा शुरू होती है और शुक्ल पक्ष के 11 वे दिन भगवान की वापसी के साथ इसका समापन होता है। इस रथ यात्रा में हजारों की संख्या में भक्तगण शामिल होते हैं। मान्यता है कि जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होने से व्यक्ति के जीवन से सभी दुख, दर्द और कष्ट समाप्त हो जाते हैं। हालांकि कोरोना वायरस के चलते पिछले साल और इस साल उतनी मात्रा में भक्त गण इस रथ यात्रा में शामिल नहीं हो पाएं। हिंदू धर्म में जगन्नाथ रथ यात्रा का खास महत्व होता है। इसी कड़ी में आज हम जानेंगे कि जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन क्यों होता है? इसका महत्व क्या है? और इससे जुड़ी खास बातें क्या हैं?  

Jagannath Rath Yatra 2021 Know Importance and significance of this Rath Yatra
जगन्नाथ रथ यात्रा - फोटो : पीटीआई

क्यों होता है इस रथ यात्रा का आयोजन


भगवान श्रीकृष्ण (भगवान जगन्नाथ) हर साल अपनी मौसी के घर जाते हैं। इस दौरान मौसी के घर पर उनके साथ बड़े भाई बलराम और छोटी बहन सुभद्रा भी जाती है। इसी कड़ी में इन तीनों की मूर्तियों को जगन्नाथ मंदिर में बड़े से रथ पर सवार किया जाता है। इसके बाद तीनों को रथ यात्रा के जरिए उनकी मौसी के घर गुंडीचा मंदिर में ले जाया जाता है। इस रथ यात्रा में शामिल होने के लिए भारी मात्रा में श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं। 

Jagannath Rath Yatra 2021 Know Importance and significance of this Rath Yatra
जगन्नाथ रथ यात्रा - फोटो : पीटीआई

गुंडीचा मौसी का मंदिर, जगन्नाथ मंदिर से करीबन तीन किलोमीटर दूर है। इस दौरान लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचकर उन्हें वहां पर लेकर जाते हैं। इसके बाद आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथी को तीनों वापस अपने स्थान पर आ जाते हैं।

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जगन्नाथ रथ यात्रा - फोटो : पीटीआई

जगन्नाथ रथ यात्रा का महत्व


जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा विश्व भर में काफी लोकप्रिय है। इस रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों लोग शामिल होने के लिए आते हैं।  मान्यता है कि इस रथ यात्रा में शामिल होने से व्यक्ति के जीवन से सभी प्रकार के दुख दर्द दूर हो जाते हैं। हिंदू धर्म में जगन्नाथ पुरी धाम को मुक्ति का द्वार कहा गया है। 

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जगन्नाथ रथ यात्रा - फोटो : पीटीआई

जगन्नाथ रथ यात्रा की खास बातें


प्रति वर्ष रथ यात्रा के लिए नए रथों का निर्माण होता है। इन रथों का निर्माण पंच तत्वों (काष्ठ, धातु, रंग, परिधान और सजावटी सामग्री) से किया जाता है। रथ में शामिल होने वाली लकड़ी नीम की होती है, क्योंकि इसके भीतर विभिन्न प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं। भगवान जगन्नाथ के रथ की ऊंचाई 45.6 फीट होती है। बलराम के रथ की ऊंचाई 45 फीट और बहन सुभद्रा का रथ 44.6 फीट ऊंचा होता है। 

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