फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शारदीय नवरात्रि 2026: मां दुर्गा को भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें, पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

Thu, 08 Oct 2026 01:20 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Thu, 08 Oct 2026 01:20 AM IST
सार

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा पूरे विधि-विधान और श्रद्धा से की जाती है। मान्यता है कि पूजा में कुछ चीजों का इस्तेमाल या भोग अर्पित करना शुभ नहीं माना जाता। आइए जानते हैं नवरात्रि में मां दुर्गा को किन चीजों को भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए।

विज्ञापन
hardiya Navratri 2026 Do Not Offer These Things to Maa Durga Know the Important Rules
shardiya navratri - फोटो : amar ujala

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना करते हैं और विधि-विधान से पूजा, व्रत और भोग लगाते हैं। मान्यता है कि इन दिनों मां दुर्गा की उपासना करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। नवरात्रि की पूजा में फूल, फल, मिठाई, भोग और अन्य पूजन सामग्री का विशेष महत्व होता है। लेकिन धार्मिक मान्यताओं में कुछ ऐसी वस्तुएं भी बताई गई हैं, जिन्हें देवी पूजा में अर्पित करने से बचना चाहिए। ऐसे में अगर आप भी इस नवरात्रि घर में माता की पूजा करने वाले हैं तो यह जान लेना जरूरी है कि किन चीजों को पूजा की थाली से दूर रखना चाहिए।

Trending Videos
hardiya Navratri 2026 Do Not Offer These Things to Maa Durga Know the Important Rules
शारदीय नवरात्रि 2026 - फोटो : AI

शारदीय नवरात्रि 2026 कब शुरू होगी?
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्तूबर, रविवार से होगी। इसी दिन घटस्थापना के साथ नवरात्रि पर्व का शुभारंभ माना जाएगा। घटस्थापना का शुभ समय सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक बताया गया है। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। इस बार दुर्गा अष्टमी और महानवमी 19 अक्तूबर, सोमवार को पड़ेंगी। इसके अगले दिन यानी 20 अक्तूबर को विजयदशमी (दशहरा) मनाया जाएगा।

hardiya Navratri 2026 Do Not Offer These Things to Maa Durga Know the Important Rules
मां दुर्गा को तुलसी अर्पित करना क्यों उचित नहीं? - फोटो : Adobe Stock

मां दुर्गा को तुलसी अर्पित करना क्यों उचित नहीं?
तुलसी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र पौधा माना जाता है और भगवान विष्णु की पूजा में इसका विशेष महत्व है। हालांकि देवी दुर्गा की पूजा में तुलसी दल चढ़ाने की परंपरा सामान्य रूप से नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा के कुछ स्वरूपों की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित माना गया है। इसलिए नवरात्रि में माता को भोग या पूजा सामग्री अर्पित करते समय तुलसी दल का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
hardiya Navratri 2026 Do Not Offer These Things to Maa Durga Know the Important Rules
धतूरा और आक के फूल से करें परहेज - फोटो : adobe stock

धतूरा और आक के फूल से करें परहेज
धतूरा और आक यानी मदार के फूल भगवान शिव को अर्पित किए जाने वाले प्रमुख फूलों में शामिल हैं। लेकिन देवी दुर्गा की पूजा में इन फूलों का प्रयोग सामान्य रूप से नहीं किया जाता। नवरात्रि में माता को उनकी पसंद के माने जाने वाले फूल, खासकर लाल गुड़हल और अन्य ताजे पुष्प अर्पित करने की परंपरा अधिक प्रचलित है। इसलिए पूजा की थाली तैयार करते समय धतूरा और आक के फूलों से बचना बेहतर माना जाता है।

विज्ञापन
hardiya Navratri 2026 Do Not Offer These Things to Maa Durga Know the Important Rules
कनेर और केतकी के फूल न चढ़ाएं - फोटो : adobe stock

कनेर और केतकी के फूल न चढ़ाएं
देवी पूजा में फूलों का विशेष महत्व होता है, लेकिन हर फूल हर देवी-देवता को अर्पित नहीं किया जाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कनेर और केतकी के फूल मां दुर्गा की पूजा में अर्पित करने से बचना चाहिए। माता की पूजा के लिए हमेशा ताजे, स्वच्छ और सुगंधित फूलों का इस्तेमाल करना चाहिए। लाल गुड़हल को देवी दुर्गा की पूजा में विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed