Hanuman Puja Ke Niyam: मंगलवार का दिन विशेष रूप से संकटमोचन हनुमान जी की उपासना और व्रत के लिए समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्तजन श्रद्धा और विधि-विधान से बजरंगबली की पूजा करते हैं। यह व्रत स्त्री और पुरुष दोनों के लिए फलदाई होता है। मान्यता है कि मंगलवार का व्रत करने और हनुमान जी की भक्ति करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और दुखों का अंत होता है। हनुमान जी अपने भक्तों का कठिन समय में साछ देते हैं और सफलता प्राप्त कर है।
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Hanuman Puja Ke Niyam: क्या महिलाएं हनुमान जी की मूर्ति को छू सकती हैं? जानें ये सही है या गलत
Wed, 07 May 2025 02:07 PM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Wed, 07 May 2025 02:07 PM IST
सार
भक्तजन हनुमान मंदिर जाकर उनकी पूजा करते हैं और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हैं। ऐसे में कई लोग महिलाओं द्वारा हनुमान जी के चरण स्पर्ष करने को सही नहीं मानते हैं। आइए जानते हैं क्या यह सही है या नहीं...
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क्या महिलाएं हनुमान जी की मूर्ति को छू सकती हैं?
- फोटो : adobe stock
क्या महिलाएं हनुमान जी की मूर्ति को छू सकती हैं?
- फोटो : adobe stock
त्रेतायुग में हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम के सभी कार्यों को कठिन परिस्थितियों में भी पूरा किया। ऐसे ही कलियुग में भी, जो भक्त पूरी निष्ठा और आस्था से उनकी पूजा करता है, उसके सभी कार्य सिद्ध होते हैं। भक्तजन हनुमान मंदिर जाकर उनकी पूजा करते हैं और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हैं। ऐसे में कई लोग महिलाओं द्वारा हनुमान जी के चरण स्पर्ष करने को सही नहीं मानते हैं। आइए जानते हैं क्या यह सही है या नहीं...
क्या महिलाएं हनुमान जी की मूर्ति को छू सकती हैं?
- फोटो : अमर उजाला
क्या महिलाएं हनुमान जी की मूर्ति को छू सकती हैं?
कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महिलाओं को प्राण-प्रतिष्ठित हनुमान जी की मूर्ति को स्पर्श करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि यदि कोई महिला मूर्ति को स्पर्श करती है तो हनुमान जी को 21 दिनों तक विशेष व्रत का पालन करना पड़ता है, ताकि मूर्ति की ऊर्जा संतुलित रहे। इसलिए इसे लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महिलाओं को प्राण-प्रतिष्ठित हनुमान जी की मूर्ति को स्पर्श करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि यदि कोई महिला मूर्ति को स्पर्श करती है तो हनुमान जी को 21 दिनों तक विशेष व्रत का पालन करना पड़ता है, ताकि मूर्ति की ऊर्जा संतुलित रहे। इसलिए इसे लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
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बाल ब्रह्मचारी होने के कारण विशेष नियम
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बाल ब्रह्मचारी हैं हनुमान जी
हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी थे और उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन किया। वे सभी महिलाओं को माता स्वरूप मानते हैं। इसी कारण धार्मिक दृष्टिकोण से यह कहा जाता है कि महिलाएं उनकी प्रतिमा को न छूएं, हालांकि यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था पर आधारित है।
हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी थे और उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन किया। वे सभी महिलाओं को माता स्वरूप मानते हैं। इसी कारण धार्मिक दृष्टिकोण से यह कहा जाता है कि महिलाएं उनकी प्रतिमा को न छूएं, हालांकि यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था पर आधारित है।
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क्या महिलाएं हनुमान चालीसा पढ़ सकती हैं?
- फोटो : adobe stock
क्या महिलाएं हनुमान चालीसा पढ़ सकती हैं?
कुछ लोगों के बीच यह भ्रम होता है कि महिलाएं हनुमान चालीसा का पाठ नहीं कर सकतीं, लेकिन शास्त्रों में इसका कोई निषेध नहीं है। महिलाएं भी पूरी श्रद्धा और भक्ति से हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं और हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकती हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
कुछ लोगों के बीच यह भ्रम होता है कि महिलाएं हनुमान चालीसा का पाठ नहीं कर सकतीं, लेकिन शास्त्रों में इसका कोई निषेध नहीं है। महिलाएं भी पूरी श्रद्धा और भक्ति से हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं और हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकती हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।