Operation Sindoor: बीती रात भारतीय सेना द्वारा किए गए एक खास सैन्य अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस सैन्य अभियान के तहत पाकिस्तान में कई आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर भारत ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि सिंदूर मिटाने वालों का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा। इस खबर के सामने आते ही देशवासियों की नम आंखों में विश्वास और भारतीय सेना के प्रति सम्मान झलक रहा है। यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा पर हुए कायरतापूर्ण हमले का मुंहतोड़ जवाब है। इस अभियान का नाम "सिंदूर" देना भी प्रतीकात्मक है। सिंदूर का हिंदू आस्था में विशेष महत्व है, जो सुहाग का प्रतीक है, समर्पण का भाव है और शौर्य की गाथा भी है। आज पूरा देश ऑपरेशन सिंदूर को नमन कर रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं सिंदूर का महत्व...
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Operation Sindoor: जानिए आखिर क्यों दिया पीएम मोदी ने सैन्य अभियान को "ऑपरेशन सिंदूर" नाम
Wed, 07 May 2025 01:42 PM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Wed, 07 May 2025 01:42 PM IST
सार
ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि सिंदूर मिटाने वालों का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा। यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा पर हुए कायरतापूर्ण हमले का मुंहतोड़ जवाब है।
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ऑपरेशन सिंदूर
- फोटो : Amar Ujala
क्यों रखा गया नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
- फोटो : Amar Ujala
क्यों रखा गया नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
"सिंदूर" एक छोटा सा लाल टीका है, लेकिन इसकी गरिमा अनंत है। यह भारतीय नारी के सम्मान, प्रेम और शक्ति का प्रतीक है। और जब पहलगाम की धरती पर उन महिलाओं की मांग का सिंदूर खून से मिल गया, तो देश ने ठान लिया कि यह अपमान सहन नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर इसी भावना का परिणाम था।
"सिंदूर" एक छोटा सा लाल टीका है, लेकिन इसकी गरिमा अनंत है। यह भारतीय नारी के सम्मान, प्रेम और शक्ति का प्रतीक है। और जब पहलगाम की धरती पर उन महिलाओं की मांग का सिंदूर खून से मिल गया, तो देश ने ठान लिया कि यह अपमान सहन नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर इसी भावना का परिणाम था।
सिंदूर का धार्मिक महत्व
- फोटो : adobe stock
सिंदूर का धार्मिक महत्व
भारतीय संस्कृति में सिंदूर न केवल एक श्रृंगार का अंग है, बल्कि यह गहरे धार्मिक और सांस्कृतिक अर्थों से जुड़ा हुआ है। यह विवाहिता स्त्री की पहचान और उसकी सुहाग की लंबी उम्र की कामना का प्रतीक होता है। सिंदूर स्त्री के मस्तक के उस भाग पर लगाया जाता है जिसे अजना चक्र या तीसरी आंख भी कहा जाता है। यह स्थान आत्मा और चेतना का केंद्र माना जाता है।
भारतीय संस्कृति में सिंदूर न केवल एक श्रृंगार का अंग है, बल्कि यह गहरे धार्मिक और सांस्कृतिक अर्थों से जुड़ा हुआ है। यह विवाहिता स्त्री की पहचान और उसकी सुहाग की लंबी उम्र की कामना का प्रतीक होता है। सिंदूर स्त्री के मस्तक के उस भाग पर लगाया जाता है जिसे अजना चक्र या तीसरी आंख भी कहा जाता है। यह स्थान आत्मा और चेतना का केंद्र माना जाता है।
सफलता पाने के लिए गीता में लिखी इन तीन बातों का रखें ध्यान
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शक्ति का प्रतीक
- फोटो : adobe stock
शक्ति का प्रतीक
सिंदूर का लाल रंग शक्ति, ऊर्जा और संघर्ष का प्रतीक है। यह रंग नारी की आंतरिक शक्ति और तप की झलक भी देता है। यही कारण है कि देवी दुर्गा की प्रतिमा की पूजा के समय उनके माथे पर सिंदूर लगाया जाता है।
सिंदूर का लाल रंग शक्ति, ऊर्जा और संघर्ष का प्रतीक है। यह रंग नारी की आंतरिक शक्ति और तप की झलक भी देता है। यही कारण है कि देवी दुर्गा की प्रतिमा की पूजा के समय उनके माथे पर सिंदूर लगाया जाता है।
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ऑपरेशन सिंदूर
- फोटो : Amar Ujala
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक कार्रवाई नहीं थी, यह आस्था की रक्षा का संकल्प था। यह उस भारत की तस्वीर पेश करता है जो शांत है, लेकिन अगर उनके नागरिकों, धर्म और सम्मान को चोट पहुंचाई जाए, तो वह जवाब देना भी जानता है। यह ऑपरेशन बताता है कि एक चुटकी सिंदूर की कीमत क्या है।