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Falgun Amavasya 2021: फाल्गुन अमावस्या आज, बन रहा है बेहद खास योग, इस छोटे उपाय से मिलेंगे बड़े लाभ

Sat, 13 Mar 2021 07:49 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Sat, 13 Mar 2021 07:49 AM IST
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Falgun Amavasya 2021 Date muhurat significance Shani and chaturgrahi Yoga on this Falgun Amavasya
फाल्गुन अमावस्या 2021 - फोटो : अमर उजाला

फाल्गुन अमावस्या 13 मार्च को है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को फाल्गुन अमावस्या तिथि कहते है। हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन पितरों के तर्पण हेतु पवित्र नदी में स्नान एवं दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं। फाल्गुन अमावस्या पर इस बार विशेष संयोग बन रहा है।

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फाल्गुन अमावस्या 2021 - फोटो : अमर उजाला

फाल्गुन अमावस्या मुहूर्त 2021
अमावस्या तिथि प्रारंभ - 12 मार्च को दोपहर 03 बजकर 02 मिनट से 
अमावस्या तिथि समाप्त - 13 मार्च को दोपहर 03 बजकर 50 मिनट तक

Falgun Amavasya 2021 Date muhurat significance Shani and chaturgrahi Yoga on this Falgun Amavasya
फाल्गुन अमावस्या 2021 - फोटो : prayagraj

देवपितृ और शनैश्चरी अमावस्या का संयोग
पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन अमावस्या पर देवपितृ कार्य और शनैश्चरी अमावस्या का संयोग बन रहा है। फाल्गुन अमावस्या शनिवार के दिन पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, साध्य योग, नाग करण व कुंभ राशि में चंद्र देव स्थित होंगे।

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- फोटो : Pixabay
कुंभ राशि में चतुर्ग्रही योग

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन ग्रहों का भी विशेष संयोग होगा। अमावस्या तिथि पर कुंभ राशि में चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। इस दिन सूर्य, बुध, चंद्र और शुक्र ग्रह कुंभ राशि में स्थित होंगे। कुंभ शनि देव की राशि है। शनिवार के दिन पड़ने के कारण इसे शनि अमावस्या या शनैश्चरी अमावस्या भी कहते हैं।

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शनिदेव - फोटो : सोशल मीडिया
फाल्गुन अमावस्या के दिन करें ये उपाय
  • शनैश्चरी अमावस्या के दिन भगवान शिव की आराधना करें। नियमपूर्वक शिव सहस्त्रनाम या शिव के पंचाक्षरी मंत्र का पाठ करने से शनि के प्रकोप का भय जाता रहता है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।
  • शनैश्चरी अमावस्या पर शनि महाराज को नीले रंग का अपराजिता फूल चढ़ाएं और काले रंग की बाती और तिल के तेल से दीप जलाएं। शनि अमावस्या के दिन ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम: मंत्र का तीन माला जप करें। यह उपाय शनि दोष को दूर करने में बेहद कारगर माना जाता है। 
  • शनैश्चरी अमावस्या पर शमी का वृक्ष लगाएं और नियमित रूप से उसकी पूजा करें। इससे न सिर्फ आपके घर का वास्तुदोष दूर होगा बल्कि शनिदेव की कृपा भी बनी रहेगी। 
  • शनैश्चरी अमावस्या के दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर शनिदेव का ध्यान करें। फिर एक दीपक में सरसों का तेल डालकर जलाएं।
  • शनैश्चरी अमावस्या पर बजरंगबली की पूजा जरूर करें। इस उपाय को करने से शनि से जुड़े दोष दूर होंगे। इस दिन सुंदरकांड का पाठ करना और हनुमान जी के मंदिर में प्रसाद चढ़ाना शनि दोष से मुक्ति पाने का कारगर उपाय है।
   

 
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