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Goddess Lakshmi: मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप, जिनकी पूजा से मिलती है जीवन के हर क्षेत्र में सफलता
Sat, 29 Jul 2023 10:42 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 29 Jul 2023 10:42 AM IST
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खुशहाली देने वाली देवी को मां लक्ष्मी कहा गया है। इन्हें धन, वैभव, संपत्ति, यश और कीर्ति की देवी माना जाता है।
सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार मनुष्य को जीवन में उत्साह,साहस,समृद्धि और खुशहाली देने वाली देवी को मां लक्ष्मी कहा गया है। इन्हें धन, वैभव, संपत्ति, यश और कीर्ति की देवी माना जाता है। मां लक्ष्मी अपने भक्तों की अनेक रूप में मनोकामनाएं पूरी करती हैं। पुराणों में मां लक्ष्मी के 8 स्वरूपों का वर्णन है, जिन्हें अष्ट लक्ष्मी कहा जाता है। मां के ये अष्ट लक्ष्मी स्वरूप अपने नाम और रूप के अनुसार भक्तों के दुख दूर करते हैं तथा सुख, समृद्धि प्रदान करते हैं।
- फोटो : अमर उजाला
1- आदि लक्ष्मी
इन्हें मूल लक्ष्मी,महालक्ष्मी भी कहा जाता है। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार आदि लक्ष्मी ने सृष्टि की रचना की थी। उन्हीं से त्रिदेव और महाकाली, लक्ष्मी व महासरस्वती प्रकट हुई। इस दुनिया के पालन और संचालन के लिए उन्होंने भगवान विष्णु से विवाह किया। इनकी साधना करने से मनुष्य को जीवन में सभी सुख मिल जाते हैं।
2- धार्या लक्ष्मी
मां लक्ष्मी के दूसरे स्वरूप को वीर लक्ष्मी भी कहा जाता है। भौतिक और आध्यात्मिक जरूरतों को पूरा करने में आने वाली रुकावटों को दूर करती हैं। ये अकाल मृत्यु से बचाती हैं। इन्हें मां कात्यायनी का रूप भी माना जाता है,जिन्होंने महिषासुर का वध किया था। धार्या लक्ष्मी युद्ध में विजय दिलाती है और वीरों की रक्षा करती हैं।
इन्हें मूल लक्ष्मी,महालक्ष्मी भी कहा जाता है। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार आदि लक्ष्मी ने सृष्टि की रचना की थी। उन्हीं से त्रिदेव और महाकाली, लक्ष्मी व महासरस्वती प्रकट हुई। इस दुनिया के पालन और संचालन के लिए उन्होंने भगवान विष्णु से विवाह किया। इनकी साधना करने से मनुष्य को जीवन में सभी सुख मिल जाते हैं।
2- धार्या लक्ष्मी
मां लक्ष्मी के दूसरे स्वरूप को वीर लक्ष्मी भी कहा जाता है। भौतिक और आध्यात्मिक जरूरतों को पूरा करने में आने वाली रुकावटों को दूर करती हैं। ये अकाल मृत्यु से बचाती हैं। इन्हें मां कात्यायनी का रूप भी माना जाता है,जिन्होंने महिषासुर का वध किया था। धार्या लक्ष्मी युद्ध में विजय दिलाती है और वीरों की रक्षा करती हैं।
Laxmi Ganesh Temple
- फोटो : Istock
3- संतान लक्ष्मी
संतान लक्ष्मी को स्कंदमाता के रूप में भी जाना जाता है। इनके चार हाथ हैं तथा अपनी गोद में कुमार स्कंद को बालक रूप में लेकर बैठी हुई हैं। माना जाता है कि संतान लक्ष्मी भक्तों की रक्षा अपनी संतान के रूप में करती हैं। इनकी कृपा से व्यक्ति को संतान सुख की प्राप्ति होती है।
4-विद्या लक्ष्मी
मां के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप का चौथा रूप विद्या लक्ष्मी है। ये ज्ञान, कला और कौशल प्रदान करती हैं। इनका रूप ब्रह्मचारिणी देवी के जैसा है। इनकी साधना से शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। विद्या लक्ष्मी व्यक्ति की क्षमता और प्रतिभा को बाहर लेकर आती है।
संतान लक्ष्मी को स्कंदमाता के रूप में भी जाना जाता है। इनके चार हाथ हैं तथा अपनी गोद में कुमार स्कंद को बालक रूप में लेकर बैठी हुई हैं। माना जाता है कि संतान लक्ष्मी भक्तों की रक्षा अपनी संतान के रूप में करती हैं। इनकी कृपा से व्यक्ति को संतान सुख की प्राप्ति होती है।
4-विद्या लक्ष्मी
मां के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप का चौथा रूप विद्या लक्ष्मी है। ये ज्ञान, कला और कौशल प्रदान करती हैं। इनका रूप ब्रह्मचारिणी देवी के जैसा है। इनकी साधना से शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। विद्या लक्ष्मी व्यक्ति की क्षमता और प्रतिभा को बाहर लेकर आती है।
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laxmi
- फोटो : Social Media
5-धान्य लक्ष्मी
लक्ष्मी का ये रूप प्रकृति के चमत्कारों का प्रतीक है। ये समानता सिखाती हैं क्योंकि प्रकृति सभी के लिए सामान है। ये संसार में धान्य यानि अन्न या अनाज के रूप में वास करती हैं। धान्य लक्ष्मी को मां अन्नपूर्णा का ही एक रूप माना जाता है। इनको प्रसन्न करने के लिए कभी भी अनाज या खाने का अनादर नहीं करना चाहिए।
6- गज लक्ष्मी
गज लक्ष्मी हाथी के ऊपर कमल के आसन पर विराजमान हैं। मां गज लक्ष्मी को कृषि और उर्वरता की देवी के रूप में पूजा जाता है। इनकी आराधना से संतान की प्राप्ति होती है। राजा को समृद्धि प्रदान करने के कारण इन्हें राज लक्ष्मी भी कहा जाता है।
लक्ष्मी का ये रूप प्रकृति के चमत्कारों का प्रतीक है। ये समानता सिखाती हैं क्योंकि प्रकृति सभी के लिए सामान है। ये संसार में धान्य यानि अन्न या अनाज के रूप में वास करती हैं। धान्य लक्ष्मी को मां अन्नपूर्णा का ही एक रूप माना जाता है। इनको प्रसन्न करने के लिए कभी भी अनाज या खाने का अनादर नहीं करना चाहिए।
6- गज लक्ष्मी
गज लक्ष्मी हाथी के ऊपर कमल के आसन पर विराजमान हैं। मां गज लक्ष्मी को कृषि और उर्वरता की देवी के रूप में पूजा जाता है। इनकी आराधना से संतान की प्राप्ति होती है। राजा को समृद्धि प्रदान करने के कारण इन्हें राज लक्ष्मी भी कहा जाता है।
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goddess laxmi
7- विजय लक्ष्मी
माता लक्ष्मी के इस रूप को जय लक्ष्मी या विजय लक्ष्मी के नाम से भी जाना जाता है। मां के इस रूप की साधना से भक्तों की जीवन के हर क्षेत्र में जय-विजय की प्राप्ति होती है। जय लक्ष्मी मां यश, कीर्ति तथा सम्मान प्रदान करती हैं। विजय लक्ष्मी हर परेशानी में विजय दिलाती है और निडरता देती है।
8-धन लक्ष्मी
जब भगवान वेंकटेश (विष्णु) ने कुबेर से कर्ज लिया तो लक्ष्मी ने कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिए यह रूप लिया था। मां के इस रूप की पूजा कर्ज मुक्ति के लिए की जाती है। धन लक्ष्मी पैसा,सोना सम्पत्ति तो देती ही है साथ में इच्छाशक्ति, साहस, दृढ़ संकल्प व उत्साह भी देती है।
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8-धन लक्ष्मी
जब भगवान वेंकटेश (विष्णु) ने कुबेर से कर्ज लिया तो लक्ष्मी ने कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिए यह रूप लिया था। मां के इस रूप की पूजा कर्ज मुक्ति के लिए की जाती है। धन लक्ष्मी पैसा,सोना सम्पत्ति तो देती ही है साथ में इच्छाशक्ति, साहस, दृढ़ संकल्प व उत्साह भी देती है।
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