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यह 7 काम पितृपक्ष में नहीं करना चाहिए, आखिर क्यों?

Tue, 29 Sep 2015 05:10 PM IST
Updated Tue, 29 Sep 2015 05:10 PM IST
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यह 7 काम प‌ितृपक्ष में नहीं करना चाह‌िए, आख‌िर क्यों?

do and dont do in pitripaksha

प‌ितृपक्ष यानी श्राद्ध का पक्ष शुरु हो चुका है। ऐसी मान्यता है क‌ि इन द‌िनों प‌‌ितर यानी पर‌िवार में ज‌िनकी मृत्यु हो चुकी है उनकी आत्मा पृथ्वी पर आती है और अपने पर‌िवार के लोगों के बीच रहती है। इसल‌िए प‌ितृपक्ष में शुभ काम करना अच्छा नहीं माना जाता है। इन द‌‌िनों कई ऐसे काम हैं ज‌िन्हें करने से लोग बचते हैं। जान‌िए यह काम कौन से और इन्हें भला क्यों नहीं करना चाह‌िए बता रही हैं ज्‍योत‌‌िषशास्‍त्री चन्द्रप्रभा।

यह 7 काम प‌ितृपक्ष में नहीं करना चाह‌िए, आख‌िर क्यों?

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ऐसी मान्यता है क‌ि प‌ितृपक्ष के द‌िनों में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाह‌िए यानी स्‍त्री पुरुष संसर्ग से बचना चाह‌िए। इसके पीछे यह धारणा है क‌ि प‌ितर आपके घर में होते हैं और यह उनके प्रत‌ि श्रद्धा प्रकट करने का समय होता है इसल‌िए इन द‌िनों संयम का पालन करना चाह‌िए।

यह 7 काम प‌ितृपक्ष में नहीं करना चाह‌िए, आख‌िर क्यों?

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प‌ितृपक्ष में स्वर्ण और नए वस्‍त्रों की खरीदारी नहीं करनी चाह‌िए। ऐसा इसल‌िए माना जाता है क्योंक‌ि प‌ितृपक्ष उत्सव का नहीं बल्क‌ि एक तरह से शोक व्यक्त करने का समय होता है उनके प्रत‌ि जो अब हमारे बीच नहीं रहे।

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यह 7 काम प‌ितृपक्ष में नहीं करना चाह‌िए, आख‌िर क्यों?

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इन द‌िनों दाढ़ी मूंछें भी नहीं काटे जाते हैं। इसका संबंध भी शोक व्यक्त करने से है।

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यह 7 काम प‌ितृपक्ष में नहीं करना चाह‌िए, आख‌िर क्यों?

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प‌ितृपक्ष में द्वार पर आए अत‌िथ‌ि और याचक को ब‌िना भोजन पानी द‌िए जाने नहीं देना चाह‌िए। माना जाता है क‌ि प‌ितर क‌िसी भी रुप में श्राद्ध मांगने आ सकते हैं। इसल‌िए क‌िसी का अनादर नहीं करना चाह‌िए।

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