फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Chandra Grahan 2020: ग्रहण में सूर्य-चंद्रमा को राहु-केतु इस वजह से करते हैं शापित

Thu, 04 Jun 2020 01:43 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Thu, 04 Jun 2020 01:43 PM IST
विज्ञापन
Chandra Grahan 2020 in hindu mythology rahu and ketu are behind the eclipse
चंद्र ग्रहण 2020 - फोटो : सोशल मीडिया

Chandra Grahan 2020: भारत में चंद्र ग्रहण 5 जून की रात 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होगा और 6 जून की रात 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। खगोल विज्ञान के अनुसार, जहां ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसके तहत सूर्य और चंद्रमा के साथ पृथ्वी तीनों एक ही रेखा में हों और दोनों के बीच में पृथ्वी आ जाती है। इस कारण सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंचता है। वहीं धार्मिक दृष्टिकोण यह कहता है कि ग्रहण राहु-केतु के कारण लगता है। इस घटना में दोनों ग्रह सूर्य और चंद्रमा को शापित करते हैं। इस संबंध में एक पौराणिक कथा सुनने को मिलती है, जो इस प्रकार है:-  

Chandra Grahan 2020 in hindu mythology rahu and ketu are behind the eclipse
समुद्र मंथन - फोटो : Social Media

पौराणिक मान्यता के अनुसार, देवासुर संग्राम में जब समुद्र मंथन हुआ तो उस मंथन से 14 रत्न निकले थे उनमें अमृत का कलश भी एक था। अब देवताओं और दानवों के बीच अमृत पान के लिए विवाद पैदा शुरू होने लगा, तो इसको सुलझाने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया। 

Chandra Grahan 2020 in hindu mythology rahu and ketu are behind the eclipse
भगवान विष्णु ने लिया मोहिनी अवतार - फोटो : अमर उजाला

मोहिनी के रूप से सभी देवता और दानव उन पर मोहित हो उठे तब भगवान विष्णु ने देवताओं और दानवों को अलग-अलग बिठा दिया। लेकिन तभी एक असुर को भगवान विष्णु की इस चाल पर शक पैदा हुआ। वह असुर छल से देवताओं की पंक्ति में आकर बैठ गए और अमृत पान करने लगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Chandra Grahan 2020 in hindu mythology rahu and ketu are behind the eclipse
सुदर्शन चक्रधारी भगवान विष्णु - फोटो : सोशल मीडिया

देवताओं की पंक्ति में बैठे चंद्रमा और सूर्य ने इस दानव को पहचान लिया। इस बात की जानकारी दोनों ने भगवान विष्णु को दी, जिसके बाद भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से दानव का सिर धड़ से अलग कर दिया। लेकिन उस दानव ने अमृत को गले तक उतार लिया था, जिसके कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई और उसके सिर वाला भाग राहू और धड़ वाला भाग केतू के नाम से जाना गया।

विज्ञापन
Chandra Grahan 2020 in hindu mythology rahu and ketu are behind the eclipse
चंद्र एवं सूर्य ग्रहण (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

इसी वजह से राहू और केतु सूर्य और चंद्रमा को अपना शत्रु मानते हैं। पूर्णिमा और अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा का ग्रहण से शापित करते हैं। पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण और अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण लगता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed