{"_id":"603a64b9db2bd93ac11b7715","slug":"chanakya-niti-motivational-quotes-for-life-lesson","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"चाणक्य नीति: जब तक शरीर है निरोगी और मृत्यु दूर, समय रहते कर कर लें ये काम","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
चाणक्य नीति: जब तक शरीर है निरोगी और मृत्यु दूर, समय रहते कर कर लें ये काम
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Tue, 02 Mar 2021 11:12 AM IST
विज्ञापन
1 of 4
आचार्य चाणक्य
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
आचार्य चाणक्य केवल धन या किताबी ज्ञान को ही महत्वपूर्ण नहीं मानते हैं बल्कि उनका कहा था कि आत्म संतुष्टि से सच्चा सुख होता है। आत्मिक शांति से बढ़कर मनुष्य के लिए जीवन में कोई सुख नहीं रहता है। व्यक्ति को आत्मिक शांति अच्छे कार्यों को करने से मिलती है। आचार्य चाणक्य के अनुसार मनुष्य को यह जीवन श्रेष्ठ कार्य करने के लिए मिला है। प्रत्येक मनुष्य को अपने मन में दूसरों के प्रति परोपकार की भावना रखनी चाहिए और अपने जीवन में नेक और अच्छे कार्य करने चाहिए। व्यक्ति के द्वारा किए गए अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार ही व्यक्ति को याद रखा जाता है। आचार्य चाणक्य ने कुछ ऐसे कार्यों के बारे में बताया है, जिन्हें निरोगी काया रहते हुए कर लेना चाहिए। जानते हैं वे कौन से कार्य हैं।
2 of 4
आचार्य चाणक्य
- फोटो : Social media
अच्छे और समाज हित के कार्य
आचार्य चाणक्य के अनुसार जीवित रहते ही व्यक्ति को लोक कल्याण के कार्य करते रहना चाहिए। मौका मिलने पर सदैव पुण्य कार्य करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। जब तक आपके शरीर में रोग नहीं हैं तब तक जितना हो सके अच्छे और जनकल्याण के कार्य करने चाहिए। क्योंकि शरीर में रोग लगने की स्थिति और मृत्यु के बाद किसी को पुण्य कार्य करने का मौका नहीं मिलता है। अच्छे कार्य करने वाले व्यक्ति अपने जीवन में तो सम्मान पाते ही हैं ऐसे लोगों को मृत्यु के बाद भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।
3 of 4
Chanakya Success Mantra
- फोटो : social media
कल पर न टालें कोई काम
चाणक्य के अनुसार कहते हैं कि समय रहते हर कार्य को पूर्ण कर लेना ही उचित होता है। आज के कार्य पर कभी कल पर नहीं टालना चाहिए। व्यक्ति का शरीर जब तक चुस्त-दुरूस्त रहे तब तक जितना हो सके अपने कार्यों को पूर्ण कर लेना चाहिए। तभी आपको जीवन में सफलता प्राप्त होती है। जब व्यक्ति के शरीर को रोग लग जाते हैं, तब उसकी शक्ति क्षीण हो जाती है और वह किसी कार्य को करने की स्थिति में नहीं रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 4
आचार्य चाणक्य
- फोटो : Social media
करें दान पुण्य का काम
चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को अपने जीवन में बुरे कार्यों और लोभ की भावना से हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए। अपने जीवन में जब तक आपका शरीर निरोगी है तब तक दान पुण्य करते रहना चाहिए। अपने जीवन में कभी भी व्यक्ति को दूसरे के लिए बुरे विचार नहीं लाने चाहिए। अपने मन में सकारात्मक विचार रखने चाहिए। इससे आपकी आत्मा शुद्ध होती है।
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।