आचार्य चाणक्य के एक श्रेष्ठ विद्यार्थी होने के साथ एक अच्छे शिक्षक भी थे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और वही पर शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की, इसलिए वे शिक्षा के महत्व को भलिभांति समझते थे। आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी व्यक्ति के जीवन में विद्यार्थी जीवन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। यही समय आने वाले भविष्य की नींव होता है, इसलिए इस समय विद्यार्थियों को अवगुणों से दूर रहना चाहिए और ज्ञान अर्जित करने पर ध्यान देना चाहिए।
चाणक्य नीति: अगर पाना चाहते हैं जीवन में सफलता, तो इन सात व्यसनों से दूर रहें विद्यार्थी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Wed, 31 Mar 2021 11:29 AM IST
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