आज 24 मार्च को चैत्र अमावस्या है। हिन्दू कैलेंडर के मुताबिक यह इस साल का अंतिम दिन है। हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व होता है। पितरों के तर्पण के लिए यह तिथि महत्वपूर्ण होती है। इसलिए उनकी आत्मा की शांति के लिए उपवास एवं पवित्र नदी में स्नान किया जाता है। आज ही के दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए कर्मकांड का भी विधान है। लेकिन आज के दिन कुछ सावधानियां भी बरतनी आवश्यक है। हालाँकि उससे पहले जानिए चैत्र अमावस्या का शुभ मुहूर्त और इसकी पूजा विधि क्या है।
{"_id":"5e788da68ebc3e6fcb325463","slug":"chaitra-amavasya-2020-do-not-do-these-works-on-chaitra-amavasya","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Chaitra Amavasya 2020: चैत्र अमावस्या आज, भूलकर भी न करें ये पांच गलतियां","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
Chaitra Amavasya 2020: चैत्र अमावस्या आज, भूलकर भी न करें ये पांच गलतियां
Tue, 24 Mar 2020 06:31 AM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Tue, 24 Mar 2020 06:31 AM IST
विज्ञापन
अमावस्या पर पितरों शांति के लिए कर्मकांड
- फोटो : अमर उजाला
चैत्र अमावस्या का शुभ मुहूर्त
चैत्र अमावस्या का शुभ मुहूर्त
सवार्थ सिद्धी योगी - सुबह 6 बजकर 20 मिनट से अगले दिन 4 बजकर 19 मिनट तक।
अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक।
सवार्थ सिद्धी योगी - सुबह 6 बजकर 20 मिनट से अगले दिन 4 बजकर 19 मिनट तक।
अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक।
चैत्र अमावस्या की पूजा विधि
चैत्र अमावस्या की पूजा विधि
- चैत्र अमावस्या के दिन प्रातः जल्दी उठें।
- इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करें।
- सूर्योदय के समय भगवान सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दें।
- इस दिन कर्मकांड के साथ अपने पितरों का तर्पण करें।
- पितरों की आत्मा की शांति के लिए व्रत रखें।
- आज के दिन जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें।
- ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
भूलकर भी न करें ये पांच गलतियां
अमावस्या के दिन तामसिक पदार्थों का सेवन न करें। इस दिन मांस, मछली, शराब अथवा अन्य प्रकार के मादक पदार्थों से का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे व्यक्ति के मन और तन पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसलिए इसका ध्यान रखें।
अमावस्या के दिन तामसिक पदार्थों का सेवन न करें। इस दिन मांस, मछली, शराब अथवा अन्य प्रकार के मादक पदार्थों से का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे व्यक्ति के मन और तन पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसलिए इसका ध्यान रखें।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixa
अगर सुबह देर तक से सोने की आदत है तो अमावस्या के दिन इस आदत को बदलें। क्योंकि इस दिन देर तक नहीं सोना चाहिए। इससे व्यक्ति के ऊपर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।