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उच्च के बुध और वक्री शनि आमने-सामने, 26 सितंबर तक इन मामलों में रहें सतर्क

Sat, 12 Sep 2026 12:47 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Sat, 12 Sep 2026 12:47 PM IST
सार

सितंबर 2026 में उच्च राशि में बुध और वक्री शनि का आमना-सामना कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका असर करियर, धन, रिश्तों और फैसलों पर पड़ सकता है। जानें 26 सितंबर तक किन मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए।
 

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Budh Gochar 2026 Mercury-Saturn Clash, Know What to Avoid Until September 26 in hindi
कन्या बुध की अपनी राशि होने के साथ-साथ उच्च राशि भी मानी जाती है। - फोटो : amar ujala

बुध 7 सितंबर 2026 को सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश कर चुके हैं। कन्या बुध की अपनी राशि होने के साथ-साथ उच्च राशि भी मानी जाती है। ऐसे में बुध की बुद्धि, तर्क, गणना और संवाद से जुड़ी शक्तियां मजबूत मानी जाती हैं। दूसरी ओर, मीन राशि में शनि वक्री अवस्था में मौजूद हैं और कन्या राशि में स्थित बुध के ठीक सामने हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से बुध और शनि का यह आमना-सामना सोच-विचार और फैसलों के मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बुध तेजी से निर्णय लेने की प्रवृत्ति देता है, जबकि शनि किसी भी कदम से पहले जांच-पड़ताल और धैर्य की मांग करता है। इसलिए 26 सितंबर तक जल्दबाजी में लिए गए फैसले बाद में परेशानी पैदा कर सकते हैं। अगर इस दौरान नई नौकरी का ऑफर मिलता है, लोन लेने की योजना है, कोई बड़ा निवेश करना है या जरूरी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, तो सिर्फ पहली नजर में फायदे को देखकर निर्णय न लें। नियम, शर्तें, अतिरिक्त खर्च और भविष्य की जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझना जरूरी होगा।

Budh Gochar 2026 Mercury-Saturn Clash, Know What to Avoid Until September 26 in hindi
बुध 7 सितंबर को कन्या राशि में पहुंचे हैं और 26 सितंबर 2026 तक इसी राशि में रहेंगे। - फोटो : अमर उजाला

7 सितंबर से बुध की स्थिति में आया बदलाव
बुध 7 सितंबर को कन्या राशि में पहुंचे हैं और 26 सितंबर 2026 तक इसी राशि में रहेंगे। ज्योतिष में कन्या को बुध की स्वराशि और उच्च राशि माना गया है। इसलिए इस दौरान दिमागी क्षमता, विश्लेषण करने की शक्ति और छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने की क्षमता बढ़ सकती है। बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार, लेखन, गणना, बैंकिंग, दस्तावेज और संचार का कारक माना जाता है। ऐसे में पुराने कागज व्यवस्थित करना, जरूरी ईमेल दोबारा देखना, रिज्यूमे सुधारना, हिसाब-किताब ठीक करना और अधूरे काम पूरे करना फायदेमंद हो सकता है। विद्यार्थी अपनी कमजोरियों को पहचानकर पढ़ाई की रणनीति बदल सकते हैं। कारोबारियों को खर्च या लेनदेन से जुड़ी ऐसी गलती भी नजर आ सकती है, जिसे पहले नजरअंदाज किया गया था। लेकिन इस मजबूत बुध के सामने वक्री शनि की स्थिति भी ध्यान देने योग्य है।

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कन्या और मीन एक-दूसरे से सातवें स्थान पर स्थित हैं। इसलिए राशि स्तर पर बुध और शनि का आमना-सामना बन रहा है। - फोटो : adobe stock

बुध और वक्री शनि आमने-सामने क्यों हैं?
इस समय शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में हैं। कन्या और मीन एक-दूसरे से सातवें स्थान पर स्थित हैं। इसलिए राशि स्तर पर बुध और शनि का आमना-सामना बन रहा है। बुध तेजी, तर्क और तुरंत जवाब से जुड़े हैं, जबकि शनि धैर्य, नियम, जिम्मेदारी और जांच-पड़ताल का प्रतिनिधित्व करते हैं। यही वजह है कि इस दौरान किसी भी फैसले में जल्दबाजी करने के बजाय तथ्यों की दोबारा जांच करना बेहतर रहेगा। मसलन, नौकरी का इंटरव्यू शानदार हो सकता है और कंपनी आपको पसंद भी कर सकती है, लेकिन बाद में अनुभव प्रमाण, अतिरिक्त दस्तावेज या किसी टेस्ट की मांग सामने आ सकती है। इसी तरह लोन मंजूर होने के बाद कोई जरूरी कागज अधूरा निकल सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर फैसला गलत साबित होगा। संकेत सिर्फ इतना है कि अधूरी जानकारी के आधार पर फैसला लेने से बचना चाहिए।

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bhadra mahapurush rajyog - फोटो : ai

क्या इस समय भद्र महापुरुष राजयोग बन रहा है?
बुध के कन्या राशि में पहुंचने के बाद भद्र महापुरुष राजयोग की चर्चा भी हो रही है। हालांकि यह समझना जरूरी है कि केवल बुध के कन्या राशि में आने से हर व्यक्ति की कुंडली में यह राजयोग नहीं बनता। पारंपरिक ज्योतिष के अनुसार भद्र महापुरुष योग तब माना जाता है, जब बुध अपनी स्वराशि मिथुन या कन्या में होकर जन्म लग्न अथवा चंद्रमा से केंद्र भाव में स्थित हों। इसलिए इसका वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली पर निर्भर करता है। जन्मकुंडली में बुध की स्थिति, अन्य ग्रहों का प्रभाव और वर्तमान दशा आदि को देखे बिना सभी लोगों के लिए एक जैसा परिणाम बताना उचित नहीं होगा।

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घर में किसी पुराने मुद्दे को लेकर चर्चा दोबारा शुरू हो सकती है। - फोटो : amarujala

इन राशियों को रहना होगा ज्यादा सतर्क

मिथुन राशि:
बुध के कन्या राशि में गोचर और सामने वक्री शनि की स्थिति का असर मिथुन राशि वालों के घरेलू और संपत्ति से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है। घर में किसी पुराने मुद्दे को लेकर चर्चा दोबारा शुरू हो सकती है। अगर प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने, किराये या परिवार की संपत्ति के बंटवारे से जुड़ा कोई मामला चल रहा है तो जरूरी कागजात ध्यान से जांचें। किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर करने से बचें। परिवार के किसी सदस्य की बात को गलत समझने से तनाव भी बढ़ सकता है, इसलिए बातचीत में संयम रखें। जल्दबाजी के बजाय हर पहलू पर विचार करके कदम उठाना आपके लिए बेहतर रहेगा।

 

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