Ashada Amavasya 2021 Date: यह आषाढ़ का महीना चल रहा है और धार्मिक दृष्टि से आषाढ़ मास में पड़ने वाली अमावस्या तिथि बड़ा महत्व है। इस साल आषाढ़ अमावस्या 9 जुलाई शुक्रवार को पड़ रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है। आषाढ़ माह की अमावस्या तिथि को हलहारिणी अमावस्या और अषाढ़ी अमावस्या भी कहते हैं। हलहारिणी अमावस्या के दिन हल और खेती में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा की जाती है। इस तिथि पर किसान विधि-विधान से हल पूजन करके ईश्वर से फसल हरी-भरी बनी रहने की कामना करते हैं। इसके साथ ही अमावस्या का दिन पितरों का श्राद्ध करने के लिए अत्यंत शुभ दिन होता है। इसलिए पितरों के तर्पण हेतु आषाढ़ अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान एवं दान-पुण्य किया जाता है। आइए जानते हैं आषाढ़ पूर्णिमा का मुहूर्त, व्रत विधि और इस तिथि का महत्व।
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Ashada Amavasya 2021 Date: कब है आषाढ़ अमावस्या? जानें तिथि, मुहूर्त और महत्व
Wed, 30 Jun 2021 12:48 PM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Wed, 30 Jun 2021 12:48 PM IST
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आषाढ़ अमावस्या 2021
- फोटो : अमर उजाला
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आषाढ़ अमावस्या 2021
- फोटो : अमर उजाला
आषाढ़ अमावस्या मुहूर्त
अमावस्या तिथि 9 जुलाई को सुबह 05 बजकर 16 मिनट से प्रारंभ होगी जो 10 जुलाई को सुबह 06 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी।
अमावस्या तिथि 9 जुलाई को सुबह 05 बजकर 16 मिनट से प्रारंभ होगी जो 10 जुलाई को सुबह 06 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी।
आषाढ़ अमावस्या 2021
- फोटो : अमर उजाला
अमावस्या की पूजा विधि
- अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठें।
- इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
- सूर्योदय के समय भगवान सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दें।
- इस दिन कर्मकांड के साथ अपने पितरों का तर्पण करें।
- पितरों की आत्मा की शांति के लिए व्रत रखें।
- जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें।
- ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
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आषाढ़ अमावस्या 2021
- फोटो : सोशल मीडिया
आषाढ़ अमावस्या का महत्व
शास्त्रों में इस दिन का महत्व बहुत ज्यादा है। इस दिन कई शुभ अनुष्ठान किए जाते हैं। अमावस्या तिथि पर कई लोग अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध कर्म करते हैं। इस दिन पितृ तर्पण, नदी स्नान और दान-पुण्य आदि करना ज्यादा फलदायी माना जाता है। इतना ही नहीं यह तिथि पितृ दोष से मुक्ति दिलाने में सहायक मानी गई है। अत: पितृ कर्म के लिए यह तिथि बेहद शुभ मानी जाती है।
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अमावस्या पर पितरों को तर्पण करेते श्रद्धालु
- फोटो : सोशल मीडिया
आषाढ़ी अमावस्या के दिन करें ये उपाय
पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण एवं उपवास करें और किसी गरीब व्यक्ति को दान-दक्षिणा दें। अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ पर सुबह जल चढ़ाना चाहिए और संध्या के समय दीपक जलाना चाहिए। जरूरतमंद लोगों को वस्त्र और अन्न का दान करना चाहिए।