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Vasant Panchami 2020: जानिए कैसे शुरू हुआ था वसंत पंचमी का यह पर्व

Mon, 27 Jan 2020 01:52 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Mon, 27 Jan 2020 01:52 PM IST
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Vasant Panchami 2020 History Of The Basant Panchmi
Basant Panchami 2020

वसंत पंचमी का पर्व 29 जनवरी को है। यह पावन पर्व मां सरस्वती को समर्पित है। माता सरस्वती को बुद्धि और विद्या की देवी माना जाता है। वसंत पंचमी का पर्व बसंत ऋतु में पड़ता है। इस ऋतु में मौसम काफी सुहावना हो जाता है। इस दौरान न तो ज्यादा ही गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठंड होती है और यही वजह है कि बसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की खास पूजा की जाती है। आज हम जानेंगे कि यह पूजा कब से शुरु हुई। वसंत पंचमी को लेकर पौराणिक शास्त्रों में क्या कहा गया है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से यहां...

Vasant Panchami 2020 History Of The Basant Panchmi
saraswati pooja - फोटो : amar ujala

वसंत पंचमी 2020 पूजा मुहूर्त
29 जनवरी 2020 बुधवार को सुबह 10:47:38 से दोपहर 12:34:23 बजे तक 
मुहूर्त की समयाधि :1 घंटे 46 मिनट

Vasant Panchami 2020 History Of The Basant Panchmi
सरस्वती पूजा

वसंत पंचमी है शुभ दिन
ज्योतिष के मुताबिक वसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहर्त के तौर पर जाना जाता है और यही कारण है कि नए काम की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा दिन माना जाता है। वसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करना भी शुभ होता है। इतना ही नहीं, इस दिन पीले पकवान बनाना भी काफी अच्छा माना जाता है। 

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Vasant Panchami 2020 History Of The Basant Panchmi
वसंत पंचमी - फोटो : अमर उजाला

जानिए क्यों मनाई जाती है वसंत पंचमी
हिंदु पौराणिक कथाओं में प्रचलित एक कथा के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने संसार की रचना की। उन्होंने पेड़-पौधे, जीव-जन्तु और मनुष्य बनाए, लेकिन उन्हें लगा कि उनकी रचना में कुछ कमी रह गई। इसीलिए ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे चार हाथों वाली एक सुंदर स्त्री प्रकट हुई। उस स्त्री के एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला और चौथा हाथ वर मुद्रा में था। ब्रह्मा जी ने इस सुंदर देवी से वीणा बजाने को कहा। जैसे वीणा बजी ब्रह्मा जी की बनाई हर चीज़ में स्वर आ गया। तभी ब्रह्मा जी ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती नाम दिया। वह दिन वसंत पंचमी का था। इसी वजह से हर साल वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती का जन्मदिन मनाया जाने लगा और उनकी पूजा की जाने लगी।

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Vasant Panchami 2020 History Of The Basant Panchmi
वसंत पंचमी - फोटो : self

कैसे करें मां सरस्वती की पूजा
स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती की पूजा के साथ-साथ घरों में भी यह पूजा की जाती है। अगर आप घर में मां सरस्वती की पूजा कर रहे हैं तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें। सुबह-सुबह नहाकर मां सरस्वती को पीले फूल अर्पित करें। इसके बाद पूजा के समय मां सरस्वती की वंदना करें। पूजा स्थान पर वाद्य यंत्र और किताबें रखें और बच्चों को भी पूजा स्थल पर बैठाएं। बच्चों को तोहफे में पुस्तक दें। इस दिन पीले चावल या पीले रंग का भोजन करें। 

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