Shardiya Navratri 2023 1st Day Maa Shailputri Puja Vidhi: आज यानी 15 अक्तूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। पंचांग के अनुसार आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि का पर्व प्रारंभ हो जाता है, जो इसी माह की नवमी तिथि को समाप्त होता है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों को समर्पित है। पहले दिन कलश स्थापना की जाती है और मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री हिमालय राज की पुत्री हैं। पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लेने कारण ये देवी शैलपुत्री नाम से विख्यात हुईं। ऐसे में चलिए जानते हैं नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा विधि, मंत्र और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त...
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Shardiya Navratri 2023: मां शैलपुत्री को समर्पित है नवरात्रि का पहला दिन, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
Sun, 15 Oct 2023 09:49 AM IST
आशिकी पटेल
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आशिकी पटेल
Updated Sun, 15 Oct 2023 09:49 AM IST
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Shardiya Navratri 2023: मां शैलपुत्री को समर्पित है नवरात्रि का पहला दिन
- फोटो : amar ujala
Shardiya Navratri 2023: मां शैलपुत्री को समर्पित है नवरात्रि का पहला दिन
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कलश स्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा का शुभ मुहूर्त
प्रतिपदा तिथि के दिन घट स्थापना यानी कलश स्थापना हमेशा अभिजीत मुहूर्त में ही करना चाहिए। आज अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:38 मिनट से दोपहर 12:23 मिनट तक है। इस मुहूर्त में घट स्थापना कर सकते हैं। साथ ही इसी मुहूर्त में आप मां शैलपुत्री की पूजा भी कर सकते हैं।
Shardiya Navratri 2023: मां शैलपुत्री को समर्पित है नवरात्रि का पहला दिन
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कलश स्थापना विधि
- शारदीय नवरात्रि के पहले दिन सुबह उठकर स्नान आदि करके साफ वस्त्र पहनें।
- फिर मंदिर की साफ-सफाई करके गंगाजल छिड़कें।
- इसके बाद लाल कपड़ा बिछाकर उस पर थोड़े चावल रखें। मिट्टी के एक पात्र में जौ बो दें।
- साथ ही इस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें। कलश में चारों ओर आम या अशोक के पत्ते लगाएं और स्वास्तिक बनाएं।
- फिर इसमे साबुत सुपारी, सिक्का और अक्षत डालें।
- एक नारियल पर चुनरी लपेटकर कलावा से बांधें और इस नारियल को कलश के ऊपर पर रखते हुए मां जगदंबे का आह्वान करें।
- फिर दीप जलाकर कलश की पूजा करें।
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Shardiya Navratri 2023: मां शैलपुत्री को समर्पित है नवरात्रि का पहला दिन
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मां शैलपुत्री पूजा विधि
- कलश स्थापना के बाद मां शैलपुत्री को धूप, दीप दिखाकर अक्षत, सफेद फूल, सिंदूर, फल चढ़ाएं।
- मां के मंत्र का उच्चारण करें और कथा पढ़ें। भोग में आप जो भी दूध, घी से बनी चीजें लाएं हैं वो चढ़ाएं।
- फिर हाथ जोड़कर मां की आरती उतारें।
- आखिर में अनजाने में हुई गलतियों की माफी मांगे और हमेशा आशीर्वाद बनाए रखने की माता रानी से प्रार्थना करें।
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Shardiya Navratri 2023: मां शैलपुत्री को समर्पित है नवरात्रि का पहला दिन
- फोटो : istock
मां शैलपुत्री को लगाएं ये भोग
धार्मिक मान्यता है कि मां शैलपुत्री को शैल के समान यानी सफेद वस्तुएं प्रिय हैं। इसलिए मां को सफेद वस्त्रों के साथ भोग में भी सफेद मिष्ठान और घी अर्पित किए जाते हैं। साथ ही इस दिन सफेद वस्त्र भी धारण करें।