फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Sawan 2nd Somvar 2022: सावन का दूसरा सोमवार और सोम प्रदोष व्रत का संयोग आज, ऐसे करें भोलेनाथ की पूजा

Mon, 25 Jul 2022 05:44 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 25 Jul 2022 05:44 AM IST
सार

इस बार 25 जुलाई 2022 को सावन माह का दूसरा सोमवार व्रत है और इसी दिन प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। सावन सोमवार के दिन प्रदोष व्रत का बहुत ही शुभ संयोग बना हुआ है।

विज्ञापन
Sawan Somvar 2022 Know Shravan Second Monday Worship Sawan Somwar Vrat Benefit Puja Mantra Samagri Vrat Vidhi
सावन का दूसरा सोमवार व्रत 2022 - फोटो : अमर उजाला

Sawan Somwar Vrat Benefit Puja Mantra Samagri And Vrat Vidhi: आज सावन महीने का दूसरा सोमवार है। सावन का महीना भगवान शिव को पूरी तरह से समर्पित होता है। सावन के महीने में सोमवार, प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि बहुत ही खास माने जाते हैं। ये सभी तिथियां भगवान शिव की पूजा-आराधना के लिए सबसे बढ़िया मानी गई हैं। मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-पाठ और जलाभिषेक करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जल्द पूरी हो जाती हैं। सावन का महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता है। इस बार 25 जुलाई 2022 को सावन माह का दूसरा सोमवार व्रत है और इसी दिन प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। सावन सोमवार के दिन प्रदोष व्रत का बहुत ही शुभ संयोग बना हुआ है।



सावन सोमवार और सोम प्रदोष के शुभ योग में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करना बहुत ही शुभ फलदायी रहने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस साल सावन महीने के दूसरे सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि योग और सोम प्रदोष व्रत का शुभ योग बन रहा है। हर महीने प्रदोष व्रत आने पर भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष रूप से पूजा-आराधना और उपवास रखा जाता है। सोमवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ने पर सोम प्रदोष, मंगलवार के दिन जो प्रदोष व्रत आता है उसे भौम प्रदोष और जब शनिवार के दिन प्रदोष पड़ता है यह शनि प्रदोष कहलाता है।

Sawan Somvar 2022 Know Shravan Second Monday Worship Sawan Somwar Vrat Benefit Puja Mantra Samagri Vrat Vidhi
सावन 2022 - फोटो : अमर उजाला

सावन सोमवार और प्रदोष व्रत का महत्व 
इस बार सावन के दूसरे सोमवार के दिन सोम प्रदोष का शुभ योग बन रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार जब द्वादशी और त्रयोदशी की तिथियां दोनों का संयोग एक ही दिन में बनता है तब प्रदोष व्रत का योग बनता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष व्रत और सावन सोमवार का उपवास रखने,पूजा-पाठ और शिव मंत्रों के जाप से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और जीवन में सुख-समृद्धि व शांति बनी रहती है। सावन के दूसरे सोमवार को संध्या काल में त्रयोदशी लग जाने से इस दिन सोम प्रदोष व्रत हो गया है। प्रदोष व्रत भी भगवान शिव की कृपा पाने के लिए किया जाता है। इनमें भी कृष्ण पक्ष का प्रदोष विशेष महत्व रखता है। सोमवार के साथ प्रदोष व्रत होने से सावन का दूसरा सोमवार शिव भक्तों के लिए शिव की खास कृपा लेकर आया है। 

Sawan Somvar 2022 Know Shravan Second Monday Worship Sawan Somwar Vrat Benefit Puja Mantra Samagri Vrat Vidhi
सावन में इन फूलों से करें शिवजी की पूजा - फोटो : अमर उजाला
सावन सोमवार पर शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये चीजें
सावन सोमवार का व्रत रखने और इस दिन भगवान भोलेनाथ की उपासना करने पर सभी तरह की इच्छाएं जरूर पूरी होती हैं साथ कुंडली में मौजूद किसी भी तरह का दोष होने पर उसमें कमी आती है। सावन के दूसरे सोमवार के दिन और प्रदोष व्रत पर शिवजी की पूजा में जल, बिल्ब पत्र, गंगाजल, दूध, दही, शहद, धतूरा, गुलाब का फूल, दूर्वा, जनेऊ, आक का फूल, चंदन और भस्म जरूर चढ़ाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Sawan Somvar 2022 Know Shravan Second Monday Worship Sawan Somwar Vrat Benefit Puja Mantra Samagri Vrat Vidhi
सावन की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala

सावन सोमवार व्रत का महत्व
सावन का महीना भगवान शिव को विशेष रूप से प्रिय होता है। मान्यता है कि सावन के महीने में ही देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी कारण से सावन का महीना भगवान शिव का माना जाता है। सावन के महीने में आने वाले सोमवार का भी खास महत्व होता है। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा -आराधना को समर्पित होता है। सावन सोमवार पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और संपन्नता के लिए उपवास रखती हैं। इसके अलावा अविवाहित कन्याएं भी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखती हैं। 

विज्ञापन
Sawan Somvar 2022 Know Shravan Second Monday Worship Sawan Somwar Vrat Benefit Puja Mantra Samagri Vrat Vidhi
सावन मास और बेलपत्र - फोटो : istock

सावन सोमवार पूजा विधि
सावन सोमवार पर भगवन शिव की आराधना विशेष रूप से की जाती है। इस दिन सुबह से ही शिव मंदिरों में भारी भीड़ होती है। जलाभिषेक के लिए लंबी-लंबी लाइने लगती है। सावन सोमवार के दिन सबसे पहले जल्दी उठकर नित्य क्रिया करते हुए स्नान करें और स्वच्छ कपड़े धारण कर लें। फिर इसके बाद घर पर बने मंदिर में रखी भगवान शिव की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़ कर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद अपने घर के समीप स्थित किसी शिव मंदिर में जाएं और वहां पर शिवलिंग का गंगाजल, दूध और पंचामृत से जलाभिषेक करें। फिर इसके बाद भगवान शिव को अर्पित किए जाने वाली सभी पूजा सामग्री को भोलेनाथ का चढ़ाएं। अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा के नीचे घी का दीपक जलाकर पूजा-पाठ शुरू करें। दीपक अर्पित करने के बाद सावन सोमवार व्रत की कथा पढ़ें। पूजा के दौरान भगवान शिव के अलग-अलग मंत्रो का उच्चारण करना भी जरूरी होता है और अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed