वैसे तो फाल्गुन माह की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है,लेकिन प्रत्येक माह पड़ने वाली शिवरात्रि का भी विशेष महत्व माना जाता है। इसमें सावन माह की शिवरात्रि के दिन व्रत,पूजन के साथ ही भगवान शिव का अभिषेक करना बहुत मंगलकारी माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महादेव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। तब से हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष फलदाई माना गया है। शिवजी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन जलाभिषेक,रुद्राभिषेक,दुग्धाभिषेक करने के साथ-साथ पंचामृत से भोलेनाथ का अभिषेक कर भक्त सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। लेकिन कुछ पत्ते ऐसे भी हैं जिन्हें इस दिन शिवजी को अर्पित करके आप अपनी मनोकामना पूर्ण कर सकते हैं।
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Sawan Shivratri 2022 : श्रावण शिवरात्रि पर मनोकामना पूर्ति के लिए आज शिवलिंग पर चढ़ाएं ये 8 तरह की शुभ चीजें
Tue, 26 Jul 2022 08:52 AM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 26 Jul 2022 08:52 AM IST
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Sawan shivratri 2022 शिवरात्रि का महत्व, जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि।
- फोटो : अमर उजाला
सावन 2022
- फोटो : अमर उजाला
बेलपत्र
बेलपत्र भगवान शिव के तीनों नेत्रों का प्रतीक माना गया है। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती को एक साथ बेल पत्र चढ़ाने से आपको सुख-समृद्धि,धन-ऐश्वर्य और शांति मिलती है।
बेलपत्र भगवान शिव के तीनों नेत्रों का प्रतीक माना गया है। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती को एक साथ बेल पत्र चढ़ाने से आपको सुख-समृद्धि,धन-ऐश्वर्य और शांति मिलती है।
सावन शिवरात्रि 2022
- फोटो : amar ujala
भांग के पौधे का पत्ता
शिवलिंग पर भांग चढ़ाने से हमारे मन के विकार और बुराइयां दूर होती हैं। भांग एक औषधि है,मान्यता हैं कि जब शिव जी ने विष का पान किया था तब जहर का जहर से उपचार करने के लिए भांग के पत्ते देवताओं ने शिवजी पर चढ़ाए थे।
शिवलिंग पर भांग चढ़ाने से हमारे मन के विकार और बुराइयां दूर होती हैं। भांग एक औषधि है,मान्यता हैं कि जब शिव जी ने विष का पान किया था तब जहर का जहर से उपचार करने के लिए भांग के पत्ते देवताओं ने शिवजी पर चढ़ाए थे।
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सावन शिवरात्रि 2022
- फोटो : amar ujala
शमी पत्र
शमी के पत्ते शनिदेव को बहुत प्रिय हैं, लेकिन ये पत्ते शिवलिंग पर भी चढ़ाए जाते हैं। शिवलिंग पर अभिषेक करने के बाद शमी के पत्ते चढ़ाएं।ऐसा करने से भोलेनाथ के साथ-साथ शनिदेव की कृपा भी बनी रहेगी।
शमी के पत्ते शनिदेव को बहुत प्रिय हैं, लेकिन ये पत्ते शिवलिंग पर भी चढ़ाए जाते हैं। शिवलिंग पर अभिषेक करने के बाद शमी के पत्ते चढ़ाएं।ऐसा करने से भोलेनाथ के साथ-साथ शनिदेव की कृपा भी बनी रहेगी।
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सावन शिवरात्रि 2022
- फोटो : amar ujala
दूर्वा
धार्मिक मान्यता के अनुसार दूर्वा में अमृत का अंश होता है। भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश जी को दूर्वा बेहद प्रिय है। भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार दूर्वा में अमृत का अंश होता है। भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश जी को दूर्वा बेहद प्रिय है। भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।