फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Mangla Gauri Vrat 2023: सावन के पहले दिन ही रखा जा रहा मंगला गौरी व्रत, जानिए पूजा विधि और महत्व

Tue, 04 Jul 2023 09:40 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Tue, 04 Jul 2023 09:40 AM IST
विज्ञापन
Sawan First Mangla Gauri Vrat 2023 Puja Vidhi Importance And Vrat Katha In Hindi
प्रथम मंगला गौरी व्रत पूजा विधि और महत्व - फोटो : istock

Mangla Gauri Vrat 2023: 4 जुलाई से पवित्र सावन माह की शुरुआत हो रही है। इस साल सावन का महीना बहुत खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार शिव जी का यह प्रिय महीना एक की बजाय दो महीने का रहने वाला है। इसके अलावा सावन में इस साल 8 सोमवार पड़ेंगे। वहीं इस साल सावन के पहले दिन ही खास संयोग बन रहा है। इस बार सावन का महीना 4 जुलाई 2023, दिन मंगलवार से शुरू हो रहा है। यानी सावन के पहले दिन ही पहला मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा। सावन में प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत व्रत रखा जाता है और मां गौरी पार्वती की पूजा की जाती है। यह व्रत महिलाएं अखंड सौभाग्यवती की कामना के लिए करती हैं। धर्म शास्त्रों में इस व्रत को करने के लिए विशेष नियम बताए गए हैं। आइए जानते हैं मंगला गौरी व्रत का महत्व, कथा और पूजा विधि...



Kanwar Yatra 2023: कब से शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा? ये है शिव जी को जल चढ़ाने के लिए सबसे शुभ दिन 

Sawan First Mangla Gauri Vrat 2023 Puja Vidhi Importance And Vrat Katha In Hindi
प्रथम मंगला गौरी व्रत पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock

प्रथम मंगला गौरी व्रत
इस साल सावन माह में प्रथम मंगला गौरी व्रत 4 जुलाई 2023 को रखा जा रहा है। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से मां गौरी की विशेष कृपा प्राप्त होगी।

Sawan First Mangla Gauri Vrat 2023 Puja Vidhi Importance And Vrat Katha In Hindi
प्रथम मंगला गौरी व्रत पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock

प्रथम मंगला गौरी पूजा मुहूर्त
4 जुलाई को मंगला गौरी व्रत की पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 08 बजकर 57 मिनट से लेकर दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। वहीं लाभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Sawan First Mangla Gauri Vrat 2023 Puja Vidhi Importance And Vrat Katha In Hindi
प्रथम मंगला गौरी व्रत पूजा विधि और महत्व - फोटो : pixabay

मंगला गौरी व्रत और पूजा विधि

  • सावन के पहले मंगला गौरी व्रत वाले दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद साफ लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं।
  • फिर चौकी पर मां गौरी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • व्रत का संकल्प लेकर आटे से बना हुआ दीपक प्रज्वलित करें। इसके बाद धूप, नैवेद्य फल-फूल आदि से मां गौरी का पूजन करें।
  • पूजा पूर्ण होने पर मां गौरी की आरती करें और उनसे प्रार्थना करें।

Sawan 2023: सावन में रक्षाबंधन, नाग पंचमी, हरियाली तीज समेत पड़ रहे ये व्रत और त्योहार, देखें पूरी लिस्ट 

विज्ञापन
Sawan First Mangla Gauri Vrat 2023 Puja Vidhi Importance And Vrat Katha In Hindi
प्रथम मंगला गौरी व्रत पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock

मंगला गौरी व्रत का महत्व
धर्म शास्त्रों के अनुसार मंगला गौरी व्रत सुहागिन महिलाएं और कुंवारी लड़कियां रखती हैं। मंगला गौरी व्रत करने से मंगल दोष दूर होता है और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। इस दिन विधि पूर्वक मां गौरी की पूजा करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed