{"_id":"5e9eb0280afb9a33b3098302","slug":"ramadan-2020-date-time-significance-importance-roza-benefits-rules","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"रमजान 2020: जानिए कब से रखे जाएंगे रोजे, इस पाक माह के बारे में पूरी जानकारी","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
रमजान 2020: जानिए कब से रखे जाएंगे रोजे, इस पाक माह के बारे में पूरी जानकारी
Tue, 21 Apr 2020 02:11 PM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Tue, 21 Apr 2020 02:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस्लाम में रमजान का महीना बड़ा ही पावन माना जाता है। इस माह में रोजे रखने का बहुत अधिक महत्व होता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजे रखते हैं, कुरान पढ़ते हैं और रात में एक विशेष नमाज भी अदा करते हैं। आइए, आज जानते हैं, कब से शुरू हो रहा है यह पावन महीना और क्यों ये मुस्लिम समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माह होता है.....
कब से शुरू हो रहा है रमजान का महीना
- इस्लामिक धर्म के अनुसार इस साल अगर चांद का दीदार 23 अप्रैल को हो गया तो 24 अप्रैल से रोजे रखे जाएंगे। वहीं अगर चांद 24 अप्रैल को दिखा तो 25 अप्रैल से रोजे रखे जाएंगे।
कौन रख सकता है रोजे
- इस्लामिक धर्म के अनुसार 7 साल की उम्र के बाद व्यक्ति रोजे रख सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रमजान के महीने में क्यों रखे जाते हैं रोजे
- इस्लामिक धर्म के अनुसार रोजे रखने से अल्लाह खुश होते हैं और सभी दुआओं को कुबूल करते हैं।
- ऐसा माना जाता है कि इस महीने की गई इबादत का फल बाकी महीनों के मुकाबले 70 गुना अधिक मिलता है।
विज्ञापन
चांद के दीदार के बाद इबादतों का सिलसिला शुरू
- रमजान के महीने में चांद के दीदार के बाद से ही नमाज पढ़ने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिसे तरावीह कहा जाता है। चांद के दिखने के बाद से ही मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह के समय सहरी खाकर इबादतों का सिलसिला शुरू कर देते हैं। इसी दिन पहला रोजा रखा जाता है।