हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मासिक शिवरात्रि मनाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पावन दिन भगवान शिव शंकर की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन शिव शंकर की पूजा का विधान है। वैशाख माह में, 21 अप्रैल मंगलवार यानी आज मासिक शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा। आइए, आज जानते हैं, मासिक शिवरात्रि का महत्व पूजा विधि और शुभ मुहूर्त....
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आज है मासिक शिवरात्रि, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व
Tue, 21 Apr 2020 09:32 AM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Tue, 21 Apr 2020 09:32 AM IST
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मासिक शिवरात्रि का महत्व
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस पावन दिन व्रत रखने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन सुखों से भर जाता है। मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने से काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि बंधनो से मुक्ति मिल जाती है।
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
- सुबह प्रात: जल्दी उठ कर स्नान करें।
- स्नान के बाद पूजा घर में दीपक प्रज्वलित करें।
- लॅाकडाउन के कारण घर से बाहर जाने की मनाही है, जिस वजह से घर में ही पूजा करें।
- अगर पूजा घर में शिवलिंग है तो, घर में ही शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
- अगर घर में शिव लिंग नहीं है तो शिव जी का ध्यान करें।
- ऊॅं नम: शिवाय का जप करें।
- महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
- पूजा के बाद भोले बाबा को अपनी इच्छानुसार भोग लगाएं।
- शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ करें।
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वैशाख, कृष्ण चतुर्दशी मासिक शिवरात्रि मुहूर्त
- प्रारंभ - 21 अप्रैल, सुबह के 3 बजकर 11 मिनट से।
- समाप्त - 22अप्रैल, सुबह के 5 बजकर 37 मिनट पर।
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मासिक शिवरात्रि व्रत के लाभ
- भगवान शिव शंकर प्रसन्न होने पर मनवांछित वरदान देते हैं। भोलेनाथ की कृपा से जीवन से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
- कार्यों में आ रही रुकावटें दूर हो जाती है।
- भगवान शिव की पूजा से कुंडली के दोषों से मुक्ति मिलती है।
- विवाह में आ रही अड़चने भगवान शिव की कृपा से दूर हो जाती हैं।