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Raksha Bandhan 2025: भाई को राखी बांधते समय करें इन मंत्रों का उच्चारण, जानें विधि और शुभ मुहूर्त
Sat, 09 Aug 2025 06:00 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sat, 09 Aug 2025 06:00 AM IST
सार
हर साल सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का पावन त्योहार मनाया जाता है, जिसका इंतजार हर भाई-बहन को बेसब्री से होता है। आइए जानते हैं इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या और इस दौरान किन मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए।
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Raksha Bandhan
- फोटो : Adobe stock
Raksha Bandhan 2025: हर साल सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का पावन त्योहार मनाया जाता है, जिसका इंतजार हर भाई-बहन को बेसब्री से होता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करती हैं, जबकि भाई जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है। धार्मिक ग्रंथों में इस पर्व से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं मिलती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या और इस दौरान किन मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
- फोटो : adobe stock
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
इस वर्ष रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा। यह मुहूर्त इस दिन दोपहर के 1 बजकर 24 मिनट तक बना रहेगा। परंतु बीच की अवधि में सुबह 9:07-10:47 मिनट तक राहुकाल है, इसलिए आप इस समय को छोड़कर अपने भाई को राखी बांध सकती हैं। इसके अतिरिक्त, दोपहर 3:46 से शाम 5:23 तक का समय भी राखी बांधने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
इस वर्ष रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा। यह मुहूर्त इस दिन दोपहर के 1 बजकर 24 मिनट तक बना रहेगा। परंतु बीच की अवधि में सुबह 9:07-10:47 मिनट तक राहुकाल है, इसलिए आप इस समय को छोड़कर अपने भाई को राखी बांध सकती हैं। इसके अतिरिक्त, दोपहर 3:46 से शाम 5:23 तक का समय भी राखी बांधने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
राखी बांधने की विधि
- फोटो : Adobe
राखी बांधने की विधि
9 अगस्त शनिवार को शुभ मुहूर्त से पहले रक्षा बंधन की थाली तैयार करें। इसमें कुमकुम, चावल, मिठाई, राखी, पानी से भरा लोटा और नारियल रखें। मुहूर्त में भाई और बहन आमने-सामने आसन पर बैठें। बहन, भाई के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाए, उसके हाथ में नारियल रखे और दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधे। राखी बांधते समय मंत्र का उच्चारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद भाई को मिठाई खिलाएं और वस्त्र या अन्य उपहार दें। भाई बहन के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले और उसे उपहार दे।
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राखी बांधते समय बोले जाने वाला विशेष मंत्र
- फोटो : Adobe stock
राखी बांधते समय बोले जाने वाला विशेष मंत्र
"येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥"
अर्थ- जिस पवित्र सूत्र से महान दानवीर राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा सूत्र से मैं तुम्हें बांध रही हूँ। हे रक्षा सूत्र! तुम स्थिर रहो, कभी ढीले या विचलित न हो।
"येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥"
अर्थ- जिस पवित्र सूत्र से महान दानवीर राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा सूत्र से मैं तुम्हें बांध रही हूँ। हे रक्षा सूत्र! तुम स्थिर रहो, कभी ढीले या विचलित न हो।
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गायत्री मंत्र
- फोटो : adobe stock
गायत्री मंत्र
"ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥"
अर्थ- हम उस परम तेजस्वी सृजनकर्ता का ध्यान करते हैं, जो हमारी बुद्धि को सही दिशा में प्रेरित और मार्गदर्शन करे।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
"ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥"
अर्थ- हम उस परम तेजस्वी सृजनकर्ता का ध्यान करते हैं, जो हमारी बुद्धि को सही दिशा में प्रेरित और मार्गदर्शन करे।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।