Raksha Bandhan 2025 Ashubh Muhurat: रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुख-समृद्धि की कामना करती है। भाई भी बहन को जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है। इस पूरे पर्व की सफलता के लिए राखी बांधने का शुभ मुहूर्त जानना बहुत जरूरी होता है। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई कार्य शुभ समय में किया जाए तो उसका परिणाम अच्छा और सकारात्मक होता है। वहीं अशुभ समय में कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन के दिन इस समय में न बांधे राखी, जान लें कब-कब है अशुभ मुहूर्त
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त जानना बहुत जरूरी होता है। माना जाता है कि अगर कोई कार्य शुभ समय में किया जाए तो उसका परिणाम अच्छा और सकारात्मक होता है। ऐेसे में आइए जानते हैं इस साल रक्षाबंधन पर किस समय राखी नहीं बांधी जानी चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षाबंधन 2025 के अशुभ मुहूर्त
गुलिक काल
इस बार गुलिक काल सुबह 5:47 से 7:27 बजे तक रहेगा। यह शनि ग्रह से जुड़ा होता है और इसका असर मिलाजुला हो सकता है, यानी न पूरी तरह शुभ और न ही पूरी तरह अशुभ।
राहुकाल
राहुकाल इस दिन सुबह 9:07 से 10:47 बजे तक रहेगा। इस समय को बेहद अशुभ माना जाता है और इसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इसलिए रक्षाबंधन के दिन इस समय के दौरान राखी बांधने से बचें।
Prasanna Vadanam shloka: 'प्रसन्नवदनां' श्लोक किसे समर्पित है? जानें इसका अर्थ
Janmashtami 2025: 15 या 16 अगस्त किस दिन मनाया जाएगा कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व? जानें शुभ मुहूर्त और व्रत नियम
दुर्मुहूर्त दो बार आता है, पहला 5:47 से 6:40 बजे और दूसरा 6:40 से 7:34 बजे तक। यह समय विघ्न और असफलता देने वाला माना गया है। ऐसे में इस दौरान भी राखी न बांधें।
यमगण्ड काल
यमगण्ड का समय दोपहर 2:06 से 3:46 बजे तक रहेगा। यह भी राहुकाल की तरह ही नकारात्मक प्रभाव वाला समय होता है और इसे मृत्यु से जुड़ा काल कहा गया है।
यह योग दोपहर 2:23 बजे से अगले दिन सुबह 5:48 बजे तक रहेगा। आडल योग शुभ और अशुभ दोनों ही प्रकार का फल देता है। यह चंद्रमा से जुड़ा एक विशेष योग होता है, जो व्यक्ति के मानसिक, वैवाहिक और निर्णय से जुड़े पक्षों को प्रभावित कर सकता है।
वर्ज्य काल
वर्ज्य काल शाम 6:18 से 7:52 बजे तक रहेगा। इस दौरान विवाह, यात्रा, पूजन आदि शुभ कार्यों से परहेज करना चाहिए।
पंचांग के अनुसार, बाण काल भी अशुभ होता है और इसमें गृह प्रवेश, शादी, नया व्यापार शुरू करना या कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए।
रक्षाबंधन 2025 का शुभ मुहूर्त
इस साल राखी बांधने का उत्तम समय सुबह 5:47 से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा। यह अवधि 07 घण्टे 37 मिनट की होगी, जो शुभ मानी जाती है। इसी दौरान राखी बांधना सबसे बेहतर रहेगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।