फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pradosh Vrat April 2021: शनि प्रदोष व्रत में बन रहा है यह योग, जानें मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व

Thu, 22 Apr 2021 07:08 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Thu, 22 Apr 2021 07:08 AM IST
विज्ञापन
Pradosh Vrat April 2021 shani pradosh vrat know muhurat vrat vidhi and significance
शनि प्रदोष व्रत अप्रैल 2021 - फोटो : अमर उजाला

प्रदोष व्रत 24 अप्रैल को पड़ रहा है। यह चैत्र शुक्ल प्रदोष व्रत होगा जो शनिवार के दिन पड़ रहा है। शनि प्रदोष व्रत पर इस बार विशेष संयोग बन रहा है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

Pradosh Vrat April 2021 shani pradosh vrat know muhurat vrat vidhi and significance
प्रदोष व्रत 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
शनि प्रदोष व्रत तिथि शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि आरंभ- 24 अप्रैल 2021 दिन शनिवार की शाम 7 बजकर 17 मिनट से 
त्रयोदशी तिथि समाप्त- 25 अप्रैल 2021 दिन रविवार शाम 04 बजकर 12 मिनट पर
Pradosh Vrat April 2021 shani pradosh vrat know muhurat vrat vidhi and significance
प्रदोष व्रत में ग्रहों का विशेष संयोग - फोटो : Pixabay

बन रहा है ये विशेष संयोग
ज्योतिषीय गणना के अनुसार शनि प्रदोष व्रत के दिन ध्रुव योग सुबह 11 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसके बाद व्याघात योग लग जाएगा। इस दिन सूर्य मेष राशि में रहेंगे जबकि चंद्रमा सुबह 11 जकर 56 मिनट तक सिंह और उसके बाद कन्या राशि पर संचार करेंगे। माना जाता है कि ध्रुव योग में किसी भी स्थिर कार्य जैसे किसी भवन या इमारत आदि का निर्माण करने से सफलता मिलती है। लेकिन कोई भी अस्थिर कार्य जैसे कोई गाड़ी अथवा वाहन लेना इस योग में खरीदना शुभ नहीं माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Pradosh Vrat April 2021 shani pradosh vrat know muhurat vrat vidhi and significance
प्रदोष व्रत विधि - फोटो : अमर उजाला

प्रदोष व्रत पूजा विधि
सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। भगवान शिव को जल चढ़ाकर भगवान शिव का मंत्र जपें। इसके बाद पूरे दिन निराहार रहते हुए प्रदोषकाल में भगवान शिव को शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाएं।

विज्ञापन
Pradosh Vrat April 2021 shani pradosh vrat know muhurat vrat vidhi and significance
प्रदोष व्रत - फोटो : Pixabay
भगवान शिव के मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ 
ॐ नमः शिवाय। ॐ आशुतोषाय नमः।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed