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Pradosh Vrat: इसके बिना अधूरी मानी जाती है पूजा, बुध प्रदोष व्रत के दिन जरूर करें इस कथा का पाठ

Wed, 17 Dec 2025 12:46 AM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Wed, 17 Dec 2025 12:46 AM IST
सार

Pradosh Vrat Katha: जब बुधवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ता है, तो इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन बुध प्रदोष व्रत कथा का पाठ करना अत्यंत आवश्यक माना गया है, क्योंकि कथा के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आइए जानते हैं बुध प्रदोष व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा।

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Pradosh Fast 17 December 2025 Budh Pradosh Vrat Katha in Hindi
बुध प्रदोष व्रत कथा - फोटो : Amar Ujala

Pradosh Vrat Katha in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन शिवजी के साथ संपूर्ण शिव परिवार की विधिवत पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।



धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष व्रत के प्रभाव से दांपत्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जब यह व्रत बुधवार के दिन पड़ता है, तो इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन बुध प्रदोष व्रत कथा का पाठ करना अत्यंत आवश्यक माना गया है, क्योंकि कथा के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आइए जानते हैं बुध प्रदोष व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा।

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Pradosh Fast 17 December 2025 Budh Pradosh Vrat Katha in Hindi
बुध प्रदोष व्रत कथा - फोटो : freepik

बुध प्रदोष व्रत कथा

पुराने समय की बात है। एक व्यक्ति का हाल ही में विवाह हुआ था। गौना संपन्न होने के बाद वह अपनी पत्नी को दूसरी बार ससुराल से विदा कराकर अपने घर ले जाना चाहता था। उसने अपनी सास से कहा कि वह बुधवार के दिन ही पत्नी को लेकर अपने नगर लौटेगा। सास-ससुर और अन्य रिश्तेदारों ने उसे समझाने का प्रयास किया कि बुधवार को पत्नी को विदा कराना शुभ नहीं माना जाता, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा।
 

Pradosh Fast 17 December 2025 Budh Pradosh Vrat Katha in Hindi
बुध प्रदोष व्रत कथा - फोटो : adobe stock

विवश होकर ससुराल वालों ने भारी मन से अपनी बेटी को विदा कर दिया। पति-पत्नी बैलगाड़ी से जा रहे थे। रास्ते में नगर से बाहर निकलते ही पत्नी को प्यास लगी। पति पानी लाने के लिए पास के स्थान पर चला गया। जब वह पानी लेकर लौटा, तो उसने जो दृश्य देखा, उससे वह हैरान और क्रोधित हो उठा। उसकी पत्नी किसी दूसरे व्यक्ति के लाए हुए पानी को पीते हुए उससे हंस-हंसकर बातें कर रही थी।

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Pradosh Fast 17 December 2025 Budh Pradosh Vrat Katha in Hindi
बुध प्रदोष व्रत कथा - फोटो : adobe stock

क्रोध में आकर वह उस व्यक्ति से झगड़ने लगा, लेकिन तभी उसे यह देखकर और भी आश्चर्य हुआ कि उस व्यक्ति का चेहरा बिल्कुल उसी के समान था। दोनों हमशक्ल पुरुषों के बीच विवाद बढ़ता गया और देखते-ही-देखते वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सिपाही भी मौके पर पहुंच गया। उसने स्त्री से पूछा कि इन दोनों में से उसका पति कौन है। दोनों के चेहरे एक जैसे होने के कारण वह असमंजस में पड़ गई।
 

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Pradosh Fast 17 December 2025 Budh Pradosh Vrat Katha in Hindi
बुध प्रदोष व्रत कथा - फोटो : adobe stock

यह दृश्य देखकर उस व्यक्ति की आंखें भर आईं। उसने वहीं भगवान शिव से विनती की, हे प्रभु! मेरी पत्नी की रक्षा कीजिए। मुझसे बड़ी भूल हो गई जो मैंने बुधवार के दिन उसे विदा कराया। आगे से ऐसी गलती कभी नहीं करूंगा। उसकी प्रार्थना पूर्ण होते ही वह दूसरा व्यक्ति अदृश्य हो गया। इसके बाद वह व्यक्ति सकुशल अपनी पत्नी के साथ घर लौट आया। इस घटना के बाद पति-पत्नी ने जीवन भर श्रद्धा और नियम के साथ बुध प्रदोष व्रत करना प्रारंभ किया।

भगवान शिव की जय।
माता पार्वती की जय।


 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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