चैत्र माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचनी एकादशी कहते हैं। इस साल यह तिथि 7 अप्रैल को पड़ रही है। इस कारण पापमोचनी एकादशी व्रत 7 अप्रैल बुधवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति पापमोचनी एकादशी का व्रत रखता है उसे समस्त प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिल जाती है और उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। लेकिन चैत्र माह शुक्ल पक्ष की एकादशी को कुछ चीजों का ध्यान रखना चाहिए।
Papmochani Ekadashi Vrat 2021: पापमोचनी एकादशी व्रत में इन बातों का जरूर रखें ध्यान
चावल का सेवन न करें
एकादशी के दिन चावल नहीं खाने चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति आज के दिन जावल का सेवन करता है उसे अगले जन्म रेंगने वाले प्राणी के रूप में जन्म मिलता है। इसलिए आज के दिन चावल न खाएं। वहीं इसके विपरीत द्वादशी के दिन चावल खाने से इस योनि से मुक्ति मिल जाती है। एक अन्य मान्यता के अनुसार इस दिन चावल खाना मांस के सेवन करने के समान माना गया है। हालांकि इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य ये है कि इस दिन चावल खाने से व्यक्ति के शरीर में जल की मात्रा बढ़ जाती है और जल का कारक चंद्रमा है जो मन को प्रभावित करता है।
एकादशी तिथि के दिन मांस-मछली और मदिरापान से परहेज करना चाहिए। बल्कि जो व्यक्ति व्रत रखने जा रहा है तो उसे दशमी तिथि के दिन भी इन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही लहसुन, प्याज, गाजर, मूली, शलजम, गोभी, पालक एवं मसूर की दाल का सेवन भी न करें।
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की आराधना और उनके प्रति समर्पण के भाव को दिखाता है। एकादशी के दिन खान-पान और व्यवहार में संयम और सात्विकता का पालन करना चाहिए।
एकादशी का दिन भगवान की आराधना का दिन होता है इसलिए इस दिन सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और शाम के वक्त सोना भी नहीं चाहिए। इसके अलावा इस दिन न तो क्रोध करना चाहिए और न ही झूठ बोलना चाहिए।