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नवरात्रि 2017: इस मुहूर्त में हुई घटस्थापना और पूजा, होता है फलदायक

Thu, 21 Sep 2017 03:05 PM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह Updated Thu, 21 Sep 2017 03:05 PM IST
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नवरा‌त्रि 2017

आज से शारदीय नवरात्रि शुरू हो गए हैं और आने वाले नवरा‌त्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की 9 शक्ति की पूजा- आराधना की जाएगी। नवरा‌त्रि के इस पावन पर्व का आखिरी उपवास 29 सितंबर को यानी नवमी के दिन होगा। इसके अगले दिन विजयादशमी है। नवरा‌त्रि के पहले दिन यानी प्रतिपदा को घट स्‍थापना करने की परंपरा है। इस बार घट स्‍थापना और पूजा के लिए दो मुहूर्त है एक सुबह का और दूसरा दोपहर का, लेकिन इनमें से अभिजीत मुहूर्त को काफी शुभ माना गया है। जानें इस नवरात्री पर घटस्‍थापना का सही मुहूर्त और समय।



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नवरा‌त्रि 2017

माना जाता है कि प्रतिपदा वाले दिन कलश स्‍थापना करने के साथ ही नवरात्रि का पर्व शुरू हो जाता है। अधिकतर लोग नवरा‌त्रि के दिन अखंड ज्योति भी जलाते हैं, जो नौ दिन तक लगातार प्रज्जवलित होती है। कुछ लोग माता की चौकी के पास जौ भी बोकर भी मां को बुलाते हैं।

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नवरा‌त्रि 2017

प्रतिपदा वाले दिन यानी 21 सितंबर को सुबह का समय कलश स्‍थापना के लिए शुभ माना गया है। घटस्‍थापना के लिए एक मुहूर्त सुबह 6:12  से 08:09 तक का था, लेकिन ज्योतिष शास्‍त्र के अनुसार  अभिजीत मुहूर्त  को सबसे शुभ मुहूर्त माना गया है और इस बार ये मुहूर्त सिर्फ 48 मिनट का ही है।

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नवरा‌त्रि 2017

प्रत्येक दिन का 15 में से 8वां मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त कहलाता है। प्रतिपदा वाले दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12: 37 बजे तक  है। माना जाता है कि इस मुहूर्त में पूजन कर देवी से जो कुछ भी मांगो, वो पूरी होती है।

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नवरा‌त्रि 2017

कलश स्‍थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, मिट्टी, जल से भरा हुआ कलश, इलायची, सिंदूर, कपूर, रोली, सिक्‍के, साबुत चावल, साबुत सुपारी, लौंगए अशोक या आम के पांच पत्ते, मौली नारियल, चुनरी,  फल-फूल, फूलों की माला और  श्रृंगार की चीजे आदि चीजों की जरूरत होती है।

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