फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नवरात्रि 2017: जानिए सबसे पहले किसने रखा था 9 दिनों का व्रत

Wed, 20 Sep 2017 11:15 AM IST
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 20 Sep 2017 11:15 AM IST
विज्ञापन
navratri start from 21 september 2017 know about how it was start and Significance

शक्ति उपासना का त्योहार शारदीय नवरात्रि कल से यानि 21 सितंबर 2017 से शुरू होने जा रहा है। नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की अलग-अलग पूजा की जाती है। साल में दो बार नवरात्रि मनाया जाता है पहला चैत्र महीने में मनाया जाता है और दूसरा आश्विन महीने में शारदीय नवरात्रि के रूप में। क्या आप जानते हैं कि कैसे शुरू हुई नौ दिनों तक माता दुर्गा की पूजा और उपासना।



पढ़ें- नवरात्रि 2017ः इन 9 चीजों से नौ दिन तक करें मां दुर्गा की पूजा, हर इच्छा होगी पूरी

navratri start from 21 september 2017 know about how it was start and Significance

सबसे पहले भगवान राम ने शारदीय नवरात्रि की पूजा लंका में विजय प्राप्त करने के लिए की थी। भगवान राम ने नौ दिनों तक उपासना करने के बाद दसवें दिन लंका पर चढ़ाई करके विजय प्राप्त किया था। आइए जानते है कैसे भगवान राम ने मां देवी दूर्गा की आराधना करके रावण पर विजय प्राप्त की थी।

navratri start from 21 september 2017 know about how it was start and Significance

पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्माजी ने भगवान राम से रावण का वध करने लिए चंडी देवी के प्रसन्न करने को कहा। साथ ही हवन में दुर्लभ 108 नीलकमल अर्पित करने को कहा। वही दूसरी तरफ रावण भी मां चंडी को खुश करने के लिए मां का पाठ करना शुरू कर दिया। नौ दिनों तक भगवान राम ने मां की पूजा और उपवास किया था।

पढ़ें- इस नवरात्रि बन रहा है शुभ संयोग, इस मुहूर्त में करें कलश स्थापना

विज्ञापन
विज्ञापन
navratri start from 21 september 2017 know about how it was start and Significance

भगवान राम की पूजा में विघ्न डालने के उद्देश्य से रावण ने मायावी तरीके से हवन सामग्री में से 1 एक नीलकमल को गायब करा दिया। जब यह बात भगवान राम को पता चली तो पूजा के संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी एक आंख मां को समर्पित करनी चाही और तीर से अपने नेत्र निकालने लगे। तभी मां पूजा से प्रसन्न होकर प्रगट हुईं और राम जी को विजय होने का वरदान दिया।

विज्ञापन
navratri start from 21 september 2017 know about how it was start and Significance

वहीं दूसरी तरफ रावण भी मां दुर्गा को को प्रसन्न करने के लिए पाठ करने लगा तब हनुमान जी ने ब्राह्राण का रुप धारण करके एक मंत्र जयादेवी भूर्तिहरिणी में हरिणी के स्थान पर कारिणी शब्द का उच्चारण करा दिया। इससे मां दुर्गा रावण से नाराज हो गई और वरदान देने बजाय उसको सर्वनाश होने का श्राप दे दिया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed