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Narmada Jayanti 2025: 4 या 5 फरवरी कब है नर्मदा जयंती? जानिए इसका महत्व और शुभ मुहूर्त
Tue, 04 Feb 2025 07:02 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Tue, 04 Feb 2025 07:02 AM IST
सार
नर्मदा नदी में स्नान करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल नर्मदा जयंती कब मनाई जाएगी। साथ ही जानेंगे कि नर्मदा जयंती क्यों मनाई जाती है और इसका महत्व क्या है।
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नर्मदा जयंती 2025 में कब है?
- फोटो : Amar Ujala
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Narmada Jayanti 2025: भारत में कई नदियों को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है, जिनमें से एक नर्मदा नदी भी है। हिंदू धर्म में माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को नर्मदा जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं और मां नर्मदा की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नर्मदा नदी में स्नान करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल नर्मदा जयंती कब मनाई जाएगी। साथ ही जानेंगे कि नर्मदा जयंती क्यों मनाई जाती है और इसका महत्व क्या है।
नर्मदा जयंती के शुभ योग
- फोटो : adobe stock
नर्मदा जयंती के शुभ योग
ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन कई मंगलकारी योगों का संयोग बन रहा है। माना जाता है कि इन योगों में स्नान और मां नर्मदा की पूजा करने से साधक को मनचाहा फल प्राप्त होता है तथा सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस दिन विशेष रूप से शुभ योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है।
ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन कई मंगलकारी योगों का संयोग बन रहा है। माना जाता है कि इन योगों में स्नान और मां नर्मदा की पूजा करने से साधक को मनचाहा फल प्राप्त होता है तथा सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस दिन विशेष रूप से शुभ योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है।
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नर्मदा जयंती क्यों मनाई जाती है?
- फोटो : adobe stock
नर्मदा जयंती क्यों मनाई जाती है?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मां नर्मदा का प्राकट्य हुआ था। इसी कारण प्रतिवर्ष इस दिन नर्मदा जयंती मनाई जाती है और श्रद्धालु नर्मदा नदी में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन नर्मदा नदी में स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से भी निजात पाता है। इस पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के अमरकंटक में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मां नर्मदा का प्राकट्य हुआ था। इसी कारण प्रतिवर्ष इस दिन नर्मदा जयंती मनाई जाती है और श्रद्धालु नर्मदा नदी में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन नर्मदा नदी में स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से भी निजात पाता है। इस पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के अमरकंटक में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।
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नर्मदा नदी में स्नान का महत्व
- फोटो : adobe stock
नर्मदा नदी में स्नान का महत्व
- इस दिन नर्मदा नदी में स्नान करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है।
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, नर्मदा नदी में स्नान करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
- नर्मदा जयंती के दिन नर्मदा नदी में चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा प्रवाहित करने से भी कालसर्प दोष समाप्त होता है।
- ऐसा माना जाता है कि नर्मदा नदी के प्रत्येक कंकड़ को नर्मदेश्वर शिवलिंग के रूप में पूजा जाता है।
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नर्मदा नदी में स्नान का महत्व
- फोटो : adobe stock
- नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक को नर्मदा जयंती के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है।
- इस दिन स्नान के पश्चात श्रद्धालु नर्मदा नदी में पुष्प, हल्दी और कुमकुम अर्पित करते हैं।
- इस प्रकार, नर्मदा जयंती का धार्मिक, पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यधिक है, और इसे श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जाता है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।