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Mahashivratri 2025: शुभ योग में महाशिवरात्रि का पर्व, इस विधि से करें शिव परिवार की पूजा

Fri, 31 Jan 2025 07:41 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा कुमारी Updated Fri, 31 Jan 2025 07:41 AM IST
सार

Mahashivratri 2025: यूं तो रोजाना घरों में शिव-परिवार की पूजा की जाती हैं, लेकिन विशेष कृपा प्राप्ति के लिए महाशिवरात्रि का दिन बेहद शुभ है। शास्त्रों में इसे शिव-पार्वती मिलन का दिन कहा जाता है।

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Mahashivratri 2025 Shubh Yog Lord Shiva Family Pooja Know Shiv Parivar Ki Puja Vidhi
पंचांगं के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है, इस साल 26 - फोटो : अमर उजाला

Mahashivratri 2025: यूं तो रोजाना घरों में शिव-परिवार की पूजा की जाती हैं, लेकिन विशेष कृपा प्राप्ति के लिए महाशिवरात्रि का दिन बेहद शुभ है। शास्त्रों में इसे शिव-पार्वती मिलन का दिन कहा जाता है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए इस तिथि पर उनकी उपासना करने से साधक के वैवाहिक जीवन में खुशियों का वास होता है। यह पर्व कन्याओं के लिए और भी खास होता है। कहते हैं कि यदि सच्चे प्रेम भाव से महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को जल चढ़ाया जाए तो मनचाहा वर पाने की कामना पूर्ण होती हैं।



पंचांगं के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है, इस साल 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि है। ज्योतिषियों के मुताबिक इस साल महाशिवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र बन रहा है, जो शाम 5 बजकर 08 मिनट तक रहेगा, इस दौरान परिध योग का संयोग भी रहेगा। इस योग में शिव-पार्वती की आराधना करना कल्याणकारी हो सकता है, इससे साधक के भाग्य में वृद्धि हो सकती हैं। ऐसे में आइए इस दिन की पूजा विधि के बारे में जानते हैं।

Mahashivratri 2025 Shubh Yog Lord Shiva Family Pooja Know Shiv Parivar Ki Puja Vidhi
ब्रह्म मुहूर्त- 26 फरवरी को प्रात: काल में 05:17 से लेकर 06:05 मिनट तक - फोटो : freepik
महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त
  • ब्रह्म मुहूर्त- 26 फरवरी को प्रात: काल में 05:17 से लेकर 06:05 मिनट तक
  • रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 06:29 से रात 09 बजकर 34 मिनट तक
  • रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - रात 09:34 से 27 फरवरी सुबह 12 बजकर 39 मिनट तक
  • रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 27 फरवरी को रात 12:39 से सुबह 03 बजकर 45 मिनट तक
  • रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 27 फरवरी को सुबह 03:45 से 06 बजकर 50 मिनट तक
Mahashivratri 2025 Shubh Yog Lord Shiva Family Pooja Know Shiv Parivar Ki Puja Vidhi
महाशिवरात्रि की पूजा करने के लिए सबसे पहले स्नान कर लें, इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण करें। - फोटो : freepik

पूजा विधि
महाशिवरात्रि की पूजा करने के लिए सबसे पहले स्नान कर लें, इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण करें। फिर घर में गंगाजल का छिड़काव करते हुए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। अब सबसे पहले दूध, दही और घी में शहद मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके बाद महादेव को चंदन, मोली, पान, सुपारी, अक्षत पंचामृत, बिल्वपत्र, धतूरा, नारियल सब चीजें अर्पित करते जाएं, साथ ही महादेव को बेर चढ़ाएं। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और आर्थिक तंगी दूर होती हैं।

अब माता पार्वती को फूल माला अर्पित करें और शिव जी को भी फूल चढ़ाएं। फिर देसी घी का दीपक जलाकर महादेव के मंत्रों का जाप करें। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें। अंत में आरती करते हुए पूजा में हुई भूल की क्षमा मांगे। फिर प्रसाद का वितरण कर दें।

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Mahashivratri 2025 Shubh Yog Lord Shiva Family Pooja Know Shiv Parivar Ki Puja Vidhi
शिव जी की आरती - फोटो : freepik
शिव जी की आरती 

ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसानन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।
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Mahashivratri 2025 Shubh Yog Lord Shiva Family Pooja Know Shiv Parivar Ki Puja Vidhi
मां पार्वती की आरती - फोटो : freepik
मां पार्वती की आरती 
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता.
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता..
जय पार्वती माता...
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता.
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता.
जय पार्वती माता...
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा.
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा..
जय पार्वती माता...
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता.
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता..
जय पार्वती माता...
शुम्भ-निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता.
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा..
जय पार्वती माता...
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता.
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता.
जय पार्वती माता...
देवन अरज करत हम चित को लाता.
गावत दे दे ताली मन में रंगराता..
जय पार्वती माता...
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता.
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता..
जय पार्वती माता...।




डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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