Masik Shivratri April 2021: चैत्र माह की मासिक शिवरात्रि 10 अप्रैल शनिवार को है। हिंदू धर्म में हर माह पड़ने वाली शिवरात्रि बहुत महत्व रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन विधि विधान से भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना की जाती है। आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि का पूजा मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व।
Masik Shivratri 2021: 10 अप्रैल को मासिक शिवरात्रि, शुभ मुहूर्त में इस विधि से रखें व्रत, जानें महत्व
चैत्र मासिक शिवरात्रि पूजा मुहूर्त
चैत्र चतुर्दशी आरंभ - 10 अप्रैल 2021 शनिवार की सुबह 4 बजकर 27 मिनट
चैत्र चतुर्दशी समाप्त - 11 अप्रैल 2021 दिन रविवार सुबह 06 बजकर 03 मिनट
मासिक शिवरात्रि व्रत विधि
सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करने के पश्चात स्वच्छ वसत्र धारण करके व्रत का संकल्प लें। संभव हो सके तो किसी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की सपरिवार माता पार्वती, गणेश जी, कुमार कार्तिकेय, और नंदी महाराज सहित पूजा करें। शिवलिंग पर जल, शुद्ध घी, दूध, शक़्कर, शहद, दही आदि चीजों से शिव के पंचाक्षरी मंत्र का उच्चारण करते हुए अभिषेक करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और श्रीफल अर्पित करें। शिव पूजा करने के पश्चात शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक आदि का पाठ करना बहुत शुभ रहता है।
शिवरात्रि पर पूरे दिन व्रत करने के बाद जब दोनों बेला मिलती है उस समय पूजन करें। पूजन करने के बाद फलाहार करें। इस व्रत में अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। शिवरात्रि के दूसरे दिन प्रातः जल्दी उठें और भगवान शिव की पूजा एवं दान आदि करने के पश्चात व्रत का पारण करें।
जिन लोगों के विवाह में विलंब हो रहा हो उनके लिए मासिक शिवरात्रि का व्रत बहुत शुभफलदायी माना गया है। इस व्रत को करने से विवाह में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं। माना जाता है कि इस दिन व्रत और विधि विधान से पूजन करने से कर्ज से मुक्ति प्राप्त होती है। मासिक शिवरात्रि की तिथि शिव जी को मनाने के लिए बहुत शुभ मानी गई है। मान्यता है कि इस दिन की गई आराधन से भगवान शिव शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करते हैं।