Mahashivratri 2025: 13 फरवरी 2025 से फाल्गुन माह की शुरुआत हो चुकी है। यह माह देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना को समर्पित है। मान्यता है कि फाल्गुन माह में भगवान शिव की उपासना से साधक के भाग्य में वृद्धि और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस दौरान फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को और भी खास और महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस तिथि पर महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन भोलेनाथ और देवी पार्वती का विवाह सम्पन्न हुआ था और उनकी 'वैवाहिक वर्षगांठ' के रूप में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों में इसे शिव-पार्वती मिलन का दिन भी कहते है।
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Mahashivratri 2025: वैवाहिक जीवन में चल रही है परेशानी ? तो महाशिवरात्रि पर करें ये उपाय
Fri, 14 Feb 2025 06:23 AM IST
मेघा कुमारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा कुमारी
Updated Fri, 14 Feb 2025 06:23 AM IST
सार
Mahashivratri 2025: 13 फरवरी 2025 से फाल्गुन माह की शुरुआत हो चुकी है। यह माह देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना को समर्पित है। मान्यता है कि फाल्गुन माह में भगवान शिव की उपासना से साधक के भाग्य में वृद्धि और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
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महाशिवरात्री 2025
- फोटो : Amar Ujala
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि पर लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
- फोटो : adobe stock
महाशिवरात्रि पर करें ये उपाय
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि पर लाल रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद शिव-पार्वती की पूजा करें। पूजा के समय माता पार्वती को सुहाग की लाल चीजें जैसे चूड़ियां, चुनरी, बिंदी, सिंदूर, कुमकुम आदि अर्पित करें। मान्यता है इससे वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याएं समाप्त होती हैं।
महाशिवरात्रि के दिन शिव परिवार की विधि-विधान से पूजा करें।
- फोटो : adobe stock
- महाशिवरात्रि के दिन शिव परिवार की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा में रामचरितमानस में वर्णित शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग अवश्य पढ़ें। माना जाता है कि इससे विवाह से जुड़ी समस्याएं समाप्त होने लगती है।
- ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन पति-पत्नी साथ में शिव-परिवार की उपासना करें। इसके बाद जरूरतमंद व्यक्तियों को अनाज और धन का दान करें। इससे रिश्ते में प्रेम और विश्वास बना रहती है, साथ ही भोलेनाथ भी प्रसन्न होते हैं।
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महाशिवरात्रि के दिन 21 बेलपत्र पर चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखें।
- फोटो : adobe stock
- महाशिवरात्रि पर पूजा के समय अपने हाथों में काली मिर्च और सात काले तिल लेकर शिवलिंग पर चढ़ा दें। मान्यता है कि इस उपाय को करने से शादी-विवाह में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं।
- महाशिवरात्रि के दिन 21 बेलपत्र पर चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखें। इसके बाद इन्हें शिवलिंग पर चढ़ा दें। इससे भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती हैं।
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महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त
- फोटो : freepik
महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
- ब्रह्म मुहूर्त- 26 फरवरी को प्रात: काल में 05:17 से लेकर 06:05 मिनट तक
- रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 06:29 से रात 09 बजकर 34 मिनट तक
- रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - रात 09:34 से 27 फरवरी सुबह 12 बजकर 39 मिनट तक
- रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 27 फरवरी को रात 12:39 से सुबह 03 बजकर 45 मिनट तक
- रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 27 फरवरी को सुबह 03:45 से 06 बजकर 50 मिनट तक
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