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महाशिवरात्रि 2021: ये है भगवान शिव का ऐसा मंदिर, जहां भोलेनाथ को चढ़ता है सिंदूर, पीछे छुपी है ये बड़ी वजह

Thu, 11 Mar 2021 12:39 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रकाश चंद जोशी Updated Thu, 11 Mar 2021 12:39 PM IST
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Mahashivratri 2021 Sindoor is offered to Lord Shiva in this temple of Madhya Pradesh
Mahashivratri 2021 - फोटो : istock

आज पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ महाशिवरात्रि मनाई जा रही है। लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करके मंदिर पहुंच चुके हैं और भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर रहे हैं। इस दिन लोग भगवान शिव को बेल पत्र, जल, दूध, धतूरा, भांग, कपूर, चंदन, भस्म आदि चढ़ाए जाते हैं। आज के दिन लोग व्रत भी रखते हैं और भगवान शिव की आराधना करते हैं। लेकिन अगर हम कहें कि भगवान शिव को सिंदूर भी चढ़ाया जाता है, तो आप कहेंगे कैसे, कहां? तो चलिए आपको उस जगह और इसके पीछे की वजह के बारे में बताते हैं।

Mahashivratri 2021 Sindoor is offered to Lord Shiva in this temple of Madhya Pradesh
Mahashivratri 2021 - फोटो : istock

दरअसल, पूरी दुनिया में भगवान शिव के अनेकों मंदिर हैं। जहां लोग पूरी आस्था और विश्वास के साथ उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। कहीं उनकी भस्म आरती की जाती है, तो कहीं उनका जलाभिषेक किया जाता है। लोग अपनी मनोकामना लेकर भगवान शिव के दर पर आते हैं, और मुरादें पूरी होने पर उनके दर पर अपनी श्रद्धा अनुसार चीजें चढ़ाते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के इटारसी में भोलेनाथ का एक ऐसा मंदिर है, जहां पर उन्हें सिंदूर चढ़ाया जाता है।

Mahashivratri 2021 Sindoor is offered to Lord Shiva in this temple of Madhya Pradesh
Mahashivratri 2021 - फोटो : istock

भगवान शिव का ये मंदिर इटारसी से 17 किलोमीटर दूर स्थित है, जहां पर सदियों से ये परंपरा है कि भगवान शिव को सिंदूर चढ़ाया जाता है। इस मंदिर का नाम तिलक सिंदूर है, और यहां से गौंड जनजाति का काफी जुड़ाव है। ये लोग यहां आकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं और उनसे अपनी मनोकामना भी मांगते हैं।

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Mahashivratri 2021 Sindoor is offered to Lord Shiva in this temple of Madhya Pradesh
Mahashivratri 2021 - फोटो : istock

ये आदिवासी लोग मंदिर में विराजे महादेव को बड़ादेव मानते हैं। भगवान शिव को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा को लेकर यहां के आदिवासी सेवा समिति के विनोद बारीबा कहते हैं कि, पहले गौंड समुदाय के लोग यहां जंगल से फल-फूल लाते थे और फिर भोलेनाथ को चढ़ाते थे। वहीं, इन्हीं के साथ सिंदूर भी आ गया और तब से उन्हें सिंदूर भी चढ़ता है।

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Mahashivratri 2021 Sindoor is offered to Lord Shiva in this temple of Madhya Pradesh
Mahashivratri 2021 - फोटो : istock

यहां के लोगों में महादेव को लेकर काफी आस्था हैं, और ये लोग मानते हैं कि यहां सतपुड़ा के जंगल, पहाड़, हंसगंगा नदी और श्मशान में भगवान शिव विराजे हैं। इसलिए ये साधना का सिद्धि स्थल है। इस मंदिर में हर दिन लोग पहुंचते हैं और भोलेनाथ को प्रसाद के रूप में सिंदूर चढ़ाते हैं।

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