Mahashivratri 2021 Date: कब है महाशिवरात्रि, जानिए इस दिन भोलेनाथ को क्या-क्या करें अर्पित
मनोरथ पूर्ण करेंगे अभिषेक
शिवपुराण में बताया गया है कि शिव को अर्पित किए जाने वाले द्रव्यों के लाभ भी अलग-अलग होते हैं। विवाह की इच्छा रखने वालों को दूध, बेलपत्र, गंगाजल, शमीपत्र, नारियल पानी, भांग, खोये की मिठाई तथा गुलाबी रंग के गुलाल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। जल से अभिषेक करने पर सुख-सौभाग्य में वृद्धि,दूध से उत्तम संतान की प्राप्ति,गन्ने के रस से यश,शहद से कर्जमुक्ति,कुश के जल से रोगमुक्ति,पंचामृत से अष्टलक्ष्मी व तीर्थों के जल से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी प्रकार चन्दन मिश्रित जल चढाने से व्यक्तित्व आकर्षक होता है। भांग चढाने से बुराइयां और मन के विकार दूर होते हैं। कुशाग्र बुद्धि के लिए विद्यार्थियों को शर्कर मिश्रित दुग्ध की धारा चढ़ानी चाहिए। गंगाजल से अभिषेक करने पर भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।
अभिलाषा पूरी करेंगे पुष्प
शास्त्रों के अनुसार भोलेनाथ की पूजा में चढ़ने वाले अलग-अलग प्रकार के पुष्पों का फल भी अलग-अलग प्राप्त होता है। जैसे चमेली के सुगन्धित पुष्पों से शिव की पूजा करके मनुष्य वाहनों को उपलब्ध करता है। अलसी के फूलों से महादेव जी का पूजन करने वाला व्यक्ति भगवान विष्णु को प्रिय होता है।शमीपत्रों से पूजन करके मनुष्य मोक्ष को प्राप्त कर लेता हैं।मदार पुष्प अर्पित करने से नेत्र और ह्रदय विकार दूर होते हैं एवं धतूरे से विषैले जीवों से खतरा नहीं रहता।