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Kumbh Sankranti 2025: कब है कुंभ संक्रांति? सूर्य-शनि के मिलन पर करें स्नान-दान, जानें महत्व
Fri, 07 Feb 2025 06:38 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Fri, 07 Feb 2025 06:38 AM IST
सार
जब सूर्य मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, तब कुंभ संक्रांति मनाई जाती है। इस विशेष अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान, पूजा, ध्यान, जप, तप और दान करने से व्यक्ति को देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है
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कुंभ संक्रांति 2025
- फोटो : Amar Ujala
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Kumbh Sankranti 2025 Date: कुंभ संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसे ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब सूर्य मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, तब कुंभ संक्रांति मनाई जाती है। इस विशेष अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान, पूजा, ध्यान, जप, तप और दान करने से व्यक्ति को देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उसके पापों का क्षय होता है। इस दिन भगवान सूर्य की आराधना का विशेष महत्व होता है, क्योंकि सूर्य देव को ग्रहों का अधिपति माना जाता है। उनकी उपासना से व्यक्ति को समाज में प्रतिष्ठा और मान-सम्मान प्राप्त होता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल कुंभ संक्रांति किस दिन मनाई जाएगी और इसका शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है।
कुंभ संक्रांति 2025 की तिथि
- फोटो : Adobe Stock
कुंभ संक्रांति 2025 की तिथि
दृक पंचांग के अनुसार इस वर्ष कुंभ संक्रांति का पर्व 12 फरवरी 2025, बुधवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।
दृक पंचांग के अनुसार इस वर्ष कुंभ संक्रांति का पर्व 12 फरवरी 2025, बुधवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।
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कुंभ संक्रांति क्षण
- फोटो : Adobe Stock
कुंभ संक्रांति क्षण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य 12 फरवरी 2025, बुधवार की रात 10:04 बजे कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में कुम्भ संक्रान्ति का क्षण रात के 10:04 बजे रहने वाला है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य 12 फरवरी 2025, बुधवार की रात 10:04 बजे कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में कुम्भ संक्रान्ति का क्षण रात के 10:04 बजे रहने वाला है।
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कुंभ संक्रांति का शुभ मुहूर्त
- फोटो : Adobe Stock
कुंभ संक्रांति का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन पुण्य काल दोपहर 12:35 बजे से शाम 06:09 बजे तक रहेगा। वहीं महा पुण्य काल शाम 04:18 बजे से शाम 06:09 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन पुण्य काल दोपहर 12:35 बजे से शाम 06:09 बजे तक रहेगा। वहीं महा पुण्य काल शाम 04:18 बजे से शाम 06:09 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।
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कुंभ संक्रांति का महत्व
- फोटो : Adobe Stock
कुंभ संक्रांति का महत्व
सनातन धर्म में संक्रांति तिथियों का विशेष महत्व होता है। इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ से मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। कुंभ संक्रांति के अवसर पर तिल का दान, सूर्य देव की पूजा और ब्राह्मणों को भोजन कराने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन विशेष रूप से मकर और सिंह राशि वालों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
सनातन धर्म में संक्रांति तिथियों का विशेष महत्व होता है। इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ से मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। कुंभ संक्रांति के अवसर पर तिल का दान, सूर्य देव की पूजा और ब्राह्मणों को भोजन कराने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन विशेष रूप से मकर और सिंह राशि वालों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।