Mahashivratri 2025 Date time: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। आमतौर पर यह फरवरी या मार्च माह में आती है। इस दिन भक्त व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। इस दिन जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। माना जाता है कि इस दिन शिव की कृपा से व्यक्ति के सभी दुखों का अंत होता है और उसे सुख-समृद्धि का वास होता है।
{"_id":"67a31e45bc6c7530790065e4","slug":"mahashivratri-2025-kab-hai-date-know-maha-shivratri-vrat-paran-vidhi-muhurat-time-2025-02-05","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Mahashivratri 2025: 26 या 27 फरवरी कब है महाशिवरात्रि? जानें सही तिथि से लेकर व्रत पारण मुहूर्त तक सबकुछ","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Mahashivratri 2025: 26 या 27 फरवरी कब है महाशिवरात्रि? जानें सही तिथि से लेकर व्रत पारण मुहूर्त तक सबकुछ
Wed, 05 Feb 2025 02:47 PM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Wed, 05 Feb 2025 02:47 PM IST
सार
महाशिवरात्रि का पर्व हर वर्ष फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। माना जाता है कि इस दिन शिव की कृपा से व्यक्ति के सभी दुखों का अंत होता है और उसे सुख-समृद्धि का वास होता है।
विज्ञापन
महाशिवरात्री 2025
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाशिवरात्रि 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त
- फोटो : freepik
महाशिवरात्रि 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर निशिता काल में पूजा का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष निशिता पूजा का शुभ समय देर रात 12:09 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। यह समय तंत्र, मंत्र और सिद्धि के दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ माना जाता है।
महाशिवरात्रि पर निशिता काल में पूजा का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष निशिता पूजा का शुभ समय देर रात 12:09 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। यह समय तंत्र, मंत्र और सिद्धि के दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ माना जाता है।
रात्रि के चार प्रहर में पूजा का समय
- फोटो : freepik
रात्रि के चार प्रहर में पूजा का समय
महाशिवरात्रि के दिन चार प्रहर की पूजा की जाती है।
महाशिवरात्रि के दिन चार प्रहर की पूजा की जाती है।
- रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 06:19 बजे से रात 09:26 बजे तक
- रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - रात 09:26 बजे से देर रात 12:34 बजे तक, फरवरी 27
- रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - देर रात 12:34 बजे से 03:41 बजे तक, फरवरी 27
- रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - मध्य रात्रि 03:41 बजे से सुबह 06:48 बजे तब, फरवरी 27
विज्ञापन
विज्ञापन
Shivling Puja Vidhi
- फोटो : freepik
जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का समय
महाशिवरात्रि पर भक्तगण शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। जलाभिषेक के लिए ब्रह्म मुहूर्त सबसे शुभ समय माना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक को भी विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन पूरे दिन शिववास रहता है, जिससे भक्त अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय रुद्राभिषेक कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि पर भक्तगण शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। जलाभिषेक के लिए ब्रह्म मुहूर्त सबसे शुभ समय माना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक को भी विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन पूरे दिन शिववास रहता है, जिससे भक्त अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय रुद्राभिषेक कर सकते हैं।
विज्ञापन
व्रत पारण का समय
- फोटो : freepik
व्रत पारण का समय
जो भक्त महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं, वे 27 फरवरी, गुरुवार की सुबह 06:48 बजे से 08:54 बजे तक व्रत पारण कर सकते हैं। इस अवधि में व्रत खोलना शास्त्रों के अनुसार शुभ माना जाता है। महाशिवरात्रि पर विधिपूर्वक व्रत एवं पूजा करने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
जो भक्त महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं, वे 27 फरवरी, गुरुवार की सुबह 06:48 बजे से 08:54 बजे तक व्रत पारण कर सकते हैं। इस अवधि में व्रत खोलना शास्त्रों के अनुसार शुभ माना जाता है। महाशिवरात्रि पर विधिपूर्वक व्रत एवं पूजा करने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Magh Purnima 2025: कब है माघ पूर्णिमा? जानें इसका महत्व और इस दिन किए जाने वाले शुभ कार्य
Hanuman Mantra: मंगलवार के दिन जरूर करें हनुमान जी के इन मंत्रो का जाप, मिलेगा हर समस्या का समाधान
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।