मौजूदा सप्ताह की शुरुआत सावन माह के शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि और सावन के तीसरे सोमावार के साथ हो चुका है। वर्तमान शुक्ल पक्ष इस महीने की 15 तारीख यानी श्रावण की पूर्णिमा और रक्षाबंधन वाले दिन खत्म हो जाएगा। और उसके अगले दिन यानी 16 अगस्त को भाद्रपद का कृष्ण पक्ष शुरू जाएगा। आइए जानते हैं इस हफ्ते के व्रत और त्योहार के बारे में कि इस पूरे हफ्ते में कितने व्रत और त्योहार आने वाले हैं।
इस पूरे हफ्ते में ये हैं बड़े व्रत, दूर हो जाएंगी आपकी कई मुश्किलें
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सावन का तीसरा सोमवार (5 अगस्त, सोमवार)
5 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार है। इस दिन सुबह नहाकर भगवान महादेव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प करना चाहिए और तत्पश्चात पार्श्वस्थ शिवलिंग का गंगा जल से अभिषेक करें और पूरे विधि-विधान से शिव जी की पूजा-अर्चना करें। इस खास मौके पर व्रतधारी को दान भी देना चाहिए। पूरे दिन निराहार रहकर केलव फलाहार करना चाहिए।
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पांच अगस्त, नाग पंचमी
सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी कहा जाता है। पूरे भारत के सभी हिस्सों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से वे प्रसन्न होते हैं और आने वाली सात पीढ़ी तक परिवार में किसी को भी सर्पदंश का डर नहीं रहता है। शास्त्रों में अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कवल, कर्कोटक, अस्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिंगल, इन बारह नागों का जिक्र पाया जाता है।
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8 अगस्त, दुर्गाष्टमी
8 अगस्त को गुरुवार के दिन दुर्गाष्टमी है। हर महीने ही शुक्ल पक्ष की अष्टमी को दुर्गा अष्टमी व्रत का विधान है। इस दिन मां दुर्गा का विशेष पूजन, अर्चन और स्तवन किया जाता है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा के बाद उन्हें चने और हलवा-पूरी का भोग लगाया जाता है। इस दिन कंजक पूजन कर आम तौर पर दस साल से छोटी बच्चियों को प्रसाद के तौर पर हलवा-पुरी खिलाया जाता है।
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पवित्रा एकादशी व्रत (11 अगस्त, रविवार)
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी के व्रत के तरीकों को शास्त्रों में बताया गया है। इसे पुत्रदा एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान नारायण का व्रत रखते हुए उनसे पुत्र की कामना की जाती है ताकि वंशोन्नति हो सके। इस दिन वेदपाठी ब्राह्मणों को भोजन करवाकर उन्हें दान देना चाहिए।
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