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Ashadha Gupt Navratri 2025: गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि आज, जानें मुहूर्त और पूजा विधि

Fri, 04 Jul 2025 08:05 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 04 Jul 2025 08:05 AM IST
सार

Ashadha Gupt Navratri :आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2025 का समापन 4 जुलाई को  नवमी तिथि के साथ होगा। इन दिनों मां दुर्गा की पूजा विशेष शुभ मानी जाती है, जानिए पूजन विधि और शुभ मुहूर्त।

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Ashadha Gupt Navratri 2025 Dates for Navami Puja Muhurat and Vidhi In Hindi
गुप्त नवरात्रि नवमी तिथि - फोटो : adobe stock

Ashadha Gupt Navratri Navami: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व इन दिनों पूरे श्रद्धा और विधिपूर्वक मनाया जा रहा है। यह पर्व मां आदिशक्ति दुर्गा की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। खास बात यह है कि जो भक्त पूरे नौ दिनों तक व्रत या पूजा नहीं कर पाते, वे अष्टमी और नवमी तिथि को विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इन दो तिथियों पर मां दुर्गा की भक्ति करने से साधक को पूरे नवरात्रि के व्रत जितना फल प्राप्त होता है।


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द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होती है और नवमी तिथि को इसका समापन होता है। इस वर्ष 2025 में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 26 जून से हुई थी और इसका समापन 4 जुलाई 2025 को नवमी तिथि पर होगा। अष्टमी और नवमी, दोनों ही दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा, हवन, कन्या पूजन और साधना के लिए अत्यंत शुभ माने गए हैं। 
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Ashadha Gupt Navratri 2025 Dates for Navami Puja Muhurat and Vidhi In Hindi
गुप्त नवरात्रि नवमी तिथि - फोटो : adobe stock

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि नवमी तिथि
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि नवमी तिथि इस बार विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है। पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि की पूजा इस वर्ष शुक्रवार, 4 जुलाई 2025 को की जाएगी। अष्टमी और नवमी दोनों ही दिन मां दुर्गा की पूजा के लिए बेहद पावन माने जाते हैं। इस दौरान भक्त व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना करते हैं और विशेष पूजा-पाठ करते हैं।
कई श्रद्धालु इन तिथियों पर कन्या पूजन भी करते हैं, जिसे देवी की कृपा प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। जो लोग अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं, वे इसी दिन घट विसर्जन भी कर सकते हैं। ये दोनों दिन साधना और भक्ति से भरे रहते हैं, और माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा विशेष फल प्रदान करती है।

 

Ashadha Gupt Navratri 2025 Dates for Navami Puja Muhurat and Vidhi In Hindi
गुप्त नवरात्रि नवमी तिथि - फोटो : adobe stock

04 जुलाई पूजा मुहर्त 
ब्रह्म मुहूर्त- प्रात: काल में 04:07 से लेकर 04:48 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:58 से लेकर दोपहर 12:53 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम में 07:22 से लेकर 07:42 मिनट तक
अमृत काल- सुबह में 09:38 से लेकर 11:26 मिनट तक

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Ashadha Gupt Navratri 2025 Dates for Navami Puja Muhurat and Vidhi In Hindi
गुप्त नवरात्रि नवमी तिथि - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

नवमी की पूजा विधि

  • नवमी तिथि के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना विशेष पुण्यदायी माना जाता है।
  • स्नान करते समय गंगाजल या किसी तीर्थ का जल मिलाने से शुद्धता बढ़ती है।
  • स्नान के बाद मन को स्थिर करें और शांत वातावरण में पूजा की तैयारी करें।
  • नहाने के बाद लाल या पीले रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि ये रंग मां दुर्गा को अति प्रिय हैं।
  • स्त्रियां श्रृंगार के सभी आवश्यक वस्त्रों के साथ तैयार हों और पुरुष भी शुद्ध वस्त्र पहनें।
  • यह विशेष रूप से दर्शाता है कि साधक पूरी श्रद्धा और आदर के साथ उपासना कर रहा है।
  • घर के मंदिर या पूजा स्थल की अच्छे से सफाई करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें और वहां लाल कपड़ा बिछाएं।
  • मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें, साथ ही गणेश जी की भी मूर्ति रखें।
  • दीपक, धूप, फूल, चावल, कुमकुम, सिंदूर आदि को पूजा सामग्री में शामिल करें।
  • पूजा शुरू करने से पहले हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर मां दुर्गा का ध्यान करें।
  • मन ही मन यह संकल्प लें कि आप नवमी तिथि का व्रत और पूजन पूरी निष्ठा से करेंगे।
  • यह संकल्प साधक के संपूर्ण मनोयोग और श्रद्धा को दर्शाता है।
  • मां दुर्गा को लाल पुष्प, बेलपत्र, फल, मिठाई (खासकर हलवा, पुए, पंचमेवा), नारियल, लौंग, इलायची, और श्रृंगार सामग्री (चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर) अर्पित करें।
  • साथ ही शुद्ध जल, कच्चा दूध और घी भी अर्पित किया जा सकता है।
  • कलश पर रोली और अक्षत लगाकर दीपक जलाएं।
  • पूजा के दौरान 'ॐ दुं दुर्गायै नमः', 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' जैसे मां दुर्गा के मंत्रों का जप करें (कम से कम 108 बार)।
  • दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती या सप्तश्लोकी दुर्गा का पाठ करें।
  • आरती के समय घंटी बजाएं और पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें।
  • घर में हवन की व्यवस्था हो, तो नवमी तिथि पर दुर्गा हवन अवश्य करें।
  • हवन सामग्री में गुग्गुल, कपूर, चंदन, लौंग, गिलोय, बेलपत्र आदि रखें।
  • हवन के अंत में पूर्णाहुति दें और सभी देवी-देवताओं से आशीर्वाद मांगें।
  • नौ छोटी कन्याओं को आमंत्रित करें, उन्हें पांव धोकर बैठाएं और उन्हें भोजन कराएं।
  • भोजन में हलवा, पूड़ी, चने का भोग देना परंपरागत है।
  • भोजन के बाद उन्हें उपहार, कपड़े या दक्षिणा देकर विदा करें।
  • यह चरण अत्यंत पुण्यदायी और मां दुर्गा को अति प्रिय है।
  • यदि आपने नवरात्रि में कलश स्थापना की थी, तो नवमी के दिन पूजा के बाद उसका विसर्जन करें।
  • कलश का जल तुलसी के पौधे में अर्पित करें और वस्त्र व सामग्री को किसी पवित्र स्थान पर छोड़ दें।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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