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Gupt Navratri 2023: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि शुरू, जानिए दस महाविद्याओं के स्वरूप, मंत्र और पूजा का फल

Mon, 19 Jun 2023 06:51 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 19 Jun 2023 06:51 AM IST
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Ashadha Gupt Navratri 2023 kab Hai Know Date Time Shubh Muhurat Puja Vidhi Importance In Hindi
Ashadha Gupt Navratri 2023 - फोटो : अमर उजाला

साल में चार बार नवरात्रि आते हैं। माघ, चैत्र, आषाढ़ और अश्विन। इनमें से माघ और आषाढ़ में आने वाले नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इस बार 19 जून, सोमवार से गुप्त नवरात्रि प्रारंभ हो रहे हैं जो 28 जून तक चलेंगे। ज्योतषीय मतानुसार आषाढ़ी गुप्त नवरात्रि में जो वृद्धि योग बन रहा है वह आर्थिक उन्नति दिलवाने वाला है। शास्त्रों के अनुसार गुप्त नवरात्रों में दस महाविद्याओं की पूजा का विधान है। ये दस महाविद्याएं इस प्रकार है- काली, तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी व कमला। दस महाविघा आदि शक्ति की अवतार मानी जाती हैं और विभिन्न दिशाओं की अधिष्ठात्री शक्तियां हैं। तंत्र साधना करने वाले इन महादेवियों की पूजा गुप्त रूप से करते हैं इसलिए इनको गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।

Ashadha Gupt Navratri 2023 kab Hai Know Date Time Shubh Muhurat Puja Vidhi Importance In Hindi
Gupt Navratri - फोटो : अमर उजाला
1- काली
सभी 10 महाविद्याओं में माँ काली को प्रथम रूप माना जाता है। सिद्धि प्राप्त करने के लिए माता के इस रूप की पूजा की जाती है। इनकी साधना से विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है।
मंत्र-
माँ काली को ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा के मंत्र जप से प्रसन्न किया जा सकता है।

2- मां तारा
सर्वप्रथम महर्षि वशिष्ठ ने देवी तारा की आराधना की थी। यह तांत्रिकों की मुख्य देवी हैं। देवी के इस रूप की आराधना करने पर आर्थिक उन्नति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। परेशनियों को दूर करने के कारण इन्हें तारने वाली माता तारा कहा जाता है।  
मंत्र-
तारा मां को प्रसन्न करने के लिए ऊँ ह्नीं स्त्रीं हुम फट' मंत्र का जाप कर सकते हैं।

3- त्रिपुर सुंदरी
इन्हें ललिता, राज राजेश्वरी और त्रिपुर सुंदरी भी कहते हैं। त्रिपुरा में स्थित त्रिपुर सुंदरी का शक्तिपीठ है। यहां पर माता की चार भुजा और 3 नेत्र हैं। इनकी पूजा से धन, भोग, ऐश्वर्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
मंत्र-
 ऐ ह्नीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नम:

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Ashadha Gupt Navratri 2023 kab Hai Know Date Time Shubh Muhurat Puja Vidhi Importance In Hindi
Gupt Navratri - फोटो : amar ujala
4- भुवनेश्वरी
संतान प्राप्ति के लिए माता भुवनेश्वरी की आराधना फलदायी मानी जाती है। यह शताक्षी और शाकम्भरी नाम से भी जानी जाती है। इस महाविद्या की आराधना से सूर्य के समान तेज ऊर्जा प्राप्ति होती है और जीवन में मान सम्मान मिलता है।
मंत्र- ह्नीं भुवनेश्वरीयै ह्नीं नम:

 5- छिन्नमस्ता
इनका स्वरूप कटा हुआ सिर और बहती हुई रक्त की तीन धाराएं से सुशोभित रहता है। इस महाविद्या की उपासना करने से सभी चिंताएं दूर होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं ।
मंत्र-
 'श्रीं ह्नीं ऎं वज्र वैरोचानियै ह्नीं फट स्वाहा

6- भैरवी
भैरवी की उपासना से व्यक्ति सभी बंधनों से मुक्त हो जाता है। इनकी पूजा से व्यापार में लगातार बढ़ोतरी और धन सम्पदा की प्राप्ति होती है।
मंत्र- ह्नीं भैरवी क्लौं ह्नीं स्वाहा:

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गुप्त नवरात्र 2023
7-धूमावती
धूमावती माता को अभाव और संकट को दूर करने वाली माता कहते है। इनका कोई भी स्वामी नहीं है। इनकी साधना से व्यक्ति की पहचान महाप्रतापी और सिद्ध पुरूष के रूप में होती है। ऋग्वेद में इन्हें 'सुतरा' कहा गया है।
मंत्र- ऊँ धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहा:

8- बगलामुखी
बगलामुखी की साधना दुश्मन के भय से मुक्ति और वाक् सिद्धि के लिए की जाती है। जो साधक नवरात्रि में इनकी साधना करता है वह हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है।
मंत्र-
ऊँ ह्नीं बगुलामुखी देव्यै ह्नीं ओम नम:'

 
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- फोटो : iStock
9- मातंगी
जो भक्त अपने गृहस्थ जीवन को सुखमय और सफल बनाना चाहते हैं उन्हें मां मातंगी की आराधना करना चाहिए।
मंत्र- ऊँ ह्नीं ऐ भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा:

10- कमला
मां कमला की साधना समृद्धि, धन, नारी, पुत्र की प्राप्ति के लिए की जाती है। इनकी साधना से व्यक्ति धनवान और विद्यावान हो जाता है।
मंत्र- हसौ: जगत प्रसुत्तयै स्वाहा:
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