शास्त्रों के अनुसार एकादशी को 'हरी दिन'और 'हरी वासर'के नाम से भी जाना जाता है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी के नाम से जानी जाती है। जो इस वर्ष 14 मार्च,सोमवार को मनाई जाएगी। एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान श्रीविष्णु की पूजा-आराधना करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। महान पुण्यदायिनी इस एकादशी पर आप कुछ धार्मिक उपाय करके भगवान विष्णु को प्रसन्न कर सकते हैं। ऐसा करने से लक्ष्मी पति श्रीहरि विष्णु आपकी सभी मनोकामना को पूरा करेंगे।
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आमलकी एकादशी पर कर लें ये 5 उपाय, धन प्राप्ति के साथ-साथ कष्टों से मिलेगा छुटकारा
Sat, 12 Mar 2022 11:26 AM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 12 Mar 2022 11:26 AM IST
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ekadashi 2022
- फोटो : अमर उजाला
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Amla Ekadashi
- फोटो : iStock
धन प्राप्ति के लिए
इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की विशेष रूप से पूजा का विधान है। मान्यता के अनुसार आमलकी एकादशी के दिन घर में आंवले का वृक्ष लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से कार्यक्षेत्र में बरकत होती है जिससे धन-संपत्ति प्राप्त होने के नए-नए अवसर मिलते है। भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद श्री हरि को एकाक्षी नारियल अर्पित करें व पूजा के बाद इस नारियल को पीले कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें,धन की कमी नहीं होगी।
इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की विशेष रूप से पूजा का विधान है। मान्यता के अनुसार आमलकी एकादशी के दिन घर में आंवले का वृक्ष लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से कार्यक्षेत्र में बरकत होती है जिससे धन-संपत्ति प्राप्त होने के नए-नए अवसर मिलते है। भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद श्री हरि को एकाक्षी नारियल अर्पित करें व पूजा के बाद इस नारियल को पीले कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें,धन की कमी नहीं होगी।
Rangbhari Ekadashi 2022:
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्षेत्र में सफलता के लिए
बार-बार प्रयास करने के बाद भी आपका कोई काम नहीं बन पा रहा है तो इस दिन आंवले या आंवले के पेड़ को छूकर प्रणाम करें और उसकी मिट्टी को माथे पर लगाएं और अपना कार्य पूर्ण होने के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना करें,इससे कार्य में सफलता मिलेगी।
बार-बार प्रयास करने के बाद भी आपका कोई काम नहीं बन पा रहा है तो इस दिन आंवले या आंवले के पेड़ को छूकर प्रणाम करें और उसकी मिट्टी को माथे पर लगाएं और अपना कार्य पूर्ण होने के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना करें,इससे कार्य में सफलता मिलेगी।
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सुखी दांपत्य के लिए
यदि पति-पत्नी के बीच बहुत कलह रहती है या किसी भी तरह का मनमुटाव रहता हो तो इस समस्या को दूर करने के लिए आप इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए आंवले के वृक्ष के तने पर सात बार मोली या हल्दी में लपेट कर सूत का धागा लपेटें और इसके बाद घी का दीपक प्रज्वलित कर सुखी दांपत्य के लिए प्रभु से प्रार्थना करें।
यदि पति-पत्नी के बीच बहुत कलह रहती है या किसी भी तरह का मनमुटाव रहता हो तो इस समस्या को दूर करने के लिए आप इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए आंवले के वृक्ष के तने पर सात बार मोली या हल्दी में लपेट कर सूत का धागा लपेटें और इसके बाद घी का दीपक प्रज्वलित कर सुखी दांपत्य के लिए प्रभु से प्रार्थना करें।
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भगवान विष्णु (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social media
कर्ज मुक्ति के लिए
इस दिन गीता पाठ, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ व 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'का जप करने से प्राणी पापमुक्त-कर्जमुक्त होकर विष्णुजी की कृपा पाता है।
कष्ट निवारण के लिए
एकादशी विष्णुप्रिया है इस दिन नाना प्रकार के पुष्पों,ऋतु फल,उत्तम नैवेद्यों,धूपों तथा आरती आदि के द्वारा प्रसन्नता पूर्वक श्री जनार्दन का पूजन करके सभी सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस दिन आंवला, तिल से बनी हुई मिठाइयां एवं फल आदि का दान करना बहुत ही लाभकारी माना गया है।
इस दिन गीता पाठ, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ व 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'का जप करने से प्राणी पापमुक्त-कर्जमुक्त होकर विष्णुजी की कृपा पाता है।
कष्ट निवारण के लिए
एकादशी विष्णुप्रिया है इस दिन नाना प्रकार के पुष्पों,ऋतु फल,उत्तम नैवेद्यों,धूपों तथा आरती आदि के द्वारा प्रसन्नता पूर्वक श्री जनार्दन का पूजन करके सभी सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस दिन आंवला, तिल से बनी हुई मिठाइयां एवं फल आदि का दान करना बहुत ही लाभकारी माना गया है।