चैत्र नवरात्रि का त्योहार देशभर में बड़े ही उल्लास और श्रद्धा पूर्वक मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन नौ दिनों में भक्त श्रद्धा और भक्ति से व्रत भी रखते हैं। यही नहीं, भक्तगण मां को प्रसन्न करने के लिए सुबह और शाम पूजा-अर्चना करते हैं और सात्विक जीवन जीते हैं, लेकिन अगर इन दिनों में कुछ गलतियां हो जाएं, तो इसका गलत प्रभाव भी पड़ सकता है। इसलिए नवरात्रि के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि के दौरान कौन-कौन से कार्य करने से बचना चाहिए।
Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि में कर रहे हैं नौ दिनों का उपवास, तो भूलकर भी न करें ये 6 काम
Rules of Chaitra Navratri Fast: अगर इन दिनों में कुछ गलतियां हो जाएं, तो इसका गलत प्रभाव भी पड़ सकता है। इसलिए नवरात्रि के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि के दौरान कौन-कौन से कार्य करने से बचना चाहिए।
नवरात्रि केवल व्रत का ही नहीं, बल्कि आत्मसंयम और शुद्ध विचारों का भी पर्व है। इस दौरान गुस्सा करना, या गाली गलौज करना या किसी का अनादर करना अशुभ माना जाता है। शांत और सकारात्मक रहें ताकि मां दुर्गा की कृपा प्राप्त हो सके। इस दौरान जितना हो सके भगवान में दिल लगाना चाहिए और आध्यात्मिक हो जाना चाहिए।
पौराणिक मान्यताओं की मानें तो, नवरात्रि के दिनों में बाल और नाखून नहीं काटना चाहिए। इस दौरान शरीर की शुद्धि और पवित्रता बनाए रखना आवश्यक होता है। इसलिए नौ दिनों के बाद ही बाल और दाढ़ी कटवानी चाहिए।
4. झूठ और छल-कपट से बनाएं दूरी
नवरात्रि के इन नौ दिनों में सत्य और ईमानदारी का पालन करें। झूठ बोलना, धोखा देना या किसी को हानि पहुंचाने की कोशिश करना आपके आगे के जीवन में नकारात्मकता भर सकता है, जिससे मां दुर्गा की कृपा प्राप्त नहीं होती। इसलिए जितना हो सके सत्य बोलें और दूसरों की छल-कपट को पूरी तरह से अनदेखा करें।
5. घर को रखें साफ-सुथरा
कहते हैं कि मां दुर्गा को साफ घर अत्यधिक प्रिय होता है। घर में गंदगी फैलाने से बचें और नियमित रूप से सफाई करें। ऐसा न करने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश कर सकती है। हालांकि, अगर आपने नौ दिनों का उपवास रखा है तो मंदिर की जगह को अच्छे से साफ करें और सुबह-शाम मां दुर्गा की आरती भी करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है।
6. न तोड़ें तुलसी के पत्ते
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं की मानें तो इस दौरान तुलसी माता विश्राम करती हैं। उन्हें कष्ट पहुंचाना शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में आप तुलसी पूजा कर सकते हैं और नियमित रूप से जल भी दे सकते हैं, लेकिन जितना हो सके इसे तोड़ने से बचें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।