वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर के सामने पद्म पैलेस में उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह का राज्याभिषेक हुआ। इसी के साथ उन्हें बुशहर रियायत का 123वां राजा चुन लिया गया। बुशहर रियासत भगवान कृष्ण की वंशावली से संबंधित मानी जाती है। सुबह उन्हें पीपल के पेड़ के नीचे राजगद्दी पर बैठाया गया। यह प्रक्रिया परदे में हुई। इस दौरान इसके लिए बनाए राजगद्दी कक्ष में केवल राजपरिवार के चुनिंदा लोगों और पुरोहितों को ही अंदर आने की अनुमति रही। दोपहर बाद जैसे ही वीरभद्र सिंह की पार्थिव देह बाहर लाई गई तो उन्हें महल के भीतर राज सिंहासन पर बैठाया गया। इस दौरान पारंपरिक लोकवाद्य यंत्रों की ध्वनियों से राजा की रियासत गूंज उठी। शनिवार को रामपुर बुशहर, जुब्बल, कुल्लू आदि रियासतों से बड़ी संख्या में लोग पद्म पैलेस के लिए उमड़ आए।
वीरभद्र सिंह: पार्थिव देह के सामने विक्रमादित्य सिंह का हुआ राजतिलक, 123वें राजा बने, वाद्य यंत्रों से गूंजी राजा की रियासत
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 10 Jul 2021 06:16 PM IST
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