हिमाचल में मंगलवार रात से जारी मूसलाधार बारिश से भारी तबाही हुई है। लगातार जारी बारिश से जहां प्रदेश की दो मुख्य नदियां यमुना और ब्यास उफान पर आ गई हैं वहीं कई सड़कें भी बंद हो गई है। भारी बारिश के चलते एक छात्रा समेत दो लोगों की मौत हो गई है।
हिमाचल में मानसून का कहर: दो की मौत, कई घर तबाह, 12 लोग फंसे
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सिरमौर के संगड़ाह के जोगाधार गांव में मंगलवार रात 12:30 बजे मूसलाधार बारिश के बीच एक घर पर पहाड़ गिरने से मलबे में दबकर दो की मौत हो गई। हादसे में मां-बेटी भी घायल हो गईं। मरने वालों में एक मेहमान थीं जबकि दूसरी इसी घर की 11वीं में पढ़ने वाली बेटी थी।
हादसे में 50 वर्षीय मेहमान कांसो देवी पत्नी लायक राम निवासी मंडोली की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। 11वीं में पढ़ने वाली मैना देवी की 17 वर्षीय बेटी सीमा देवी को सीएचसी संगड़ाह ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बारिश के चलते प्रदेश में कई जगह नुकसान हुआ है। प्रदेश भर में 45 से अधिक सड़क मार्ग भूस्खलन होने से बंद हो गए हैं।
राजगढ़-सोलन मार्ग पांच घटों तक बंद रहा। बारिश से कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। निचले क्षेत्रों में भारी बारिश से खेतों में मलबा जाने से धान की फसल भी बारिश की भेंट चढ़ गई। कुल्लू जिला में भूस्खलन से एनएच 305 कोट नाला के समीप बंद हो गया है। एचआरटीसी की तीन बसें यहां फंसी हुई हैं। जबकि एक दर्जन रूट प्रभावित हैं।
चंबा जिला में तीसा-बैरागढ़-पांगी मार्ग शुक्राली नाला में भूस्खलन होने से बंद है। मंडी जिला में भी बारिश होने से नदी-नाले उफान पर हैं। बरोट क्षेत्र के तहत मटरू गांव में भारी बारिश से नाले में जलस्तर बढ़ने के कारण पैदल चलने योग्य पुल ढह गया है। रास्ते का लगभग 400 मीटर भाग पानी के तेज बहाव में बह गया।